नियमो का उल्लंघन कर सप्लायर फर्म को पहुंचाया लाभ, प्रभारी रजिस्ट्रार सहित चार सस्पेंड.. सप्लायर फर्म को जीवनदान !

स्वतंत्र बोल
रायपुर 08 मार्च 2026. जेम पोर्टल से सस्ते सामानो को चौगुने दामों पर नियमो के उल्लंघन कर खरीदने पर अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय के पूर्व प्रभारी कुलसचिव रहे शैलेन्द्र दुबे को सस्पेंड किया गया है। शैलेन्द्र दुबे लंबे समय तक विश्वविद्यालय में प्रभारी कुलसचिव पद पर रहे, इस दौरान उन्होंने ने नियमो का उल्लंघन कर जांजगीर के फर्म से करोडो रुपये सामान ख़रीदा था। दुबे मूलतः उपकुलसचिव है। निलंबन के बाद उन्हें बिलासपुर से अपर संचालक कार्यालय में अटैच किया गया है।

ऐसे हुआ खेल-
विश्वविद्यालय में जेम पोर्टल से बिना अनुमति नियमो को दरकिनार कर शैलेन्द्र दुबे ने जांजगीर के फर्म सागर इंडस्ट्रीज, सिंघानिया इंडस्ट्रीज और ओशन इंडस्ट्रीज से करोडो रुपये के कार्यादेश देकर सामग्री क्रय की गई। विश्वविद्यालय में गड़बड़ी और भ्रष्टाचार की शिकायते उच्च शिक्षा विभाग पहुंची तो टीम बनाकर जाँच कराई गई जिसमे गड़बड़ी पाई गई। उसके बाद भी शैलेन्द्र दुबे को बचाने की कोशिश की गई, पर विधानसभा में प्रश्न लगने पर विभागीय अधिकारियो ने दुबे को सस्पेंड कर दिया। इस गड़बड़ी में विश्वविद्यालय के वित्त अधिकारी अलेक्जेंडर कुजूर, नेहा राठिया सहित अन्य भी शामिल है जिन पर आज दिनांक तक कार्यवाही नहीं हुई, उन्हें नोटिस जारी कर जवाब माँगा गया है।

तीनो फर्म का संचालक एक-
विश्वविद्यालय में सामग्री सप्लाई करने जांजगीर के फर्म सागर इंडस्ट्रीज, सिंघानिया इंडस्ट्रीज और ओशन इंडस्ट्रीज है। बताते है कि तीनो फर्म के संचालक एक ही व्यक्ति सिंघनिया को बताया जाता है। जिस पर अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। नियमो के अनुसार इन तीनो फर्मो को ब्लैकलिस्टेड करने और एफआईआर की जानी थी पर ऐसा नहीं किया गया। प्रभारी कुलसचिव रहे दुबे भी मूलतः जांजगीर जिले का रहवासी है। ऐसे में अपने करीबी सप्लायर फर्म को लाभ पहुंचाने दुबे ने नियमो का उल्लंघन किया।

महासमुंद पिथौरा में सप्लाई-
नियमो को दरकिनार कर सप्लाई फर्म से सांठगांठ करने पर उच्च शिक्षा विभाग ने कालेज के प्राचार्य सहित पांच असिस्टेंट प्रोफेसरों को सस्पेंड किया था। इन जिम्मेदारों ने सप्लायर फर्म से मिलीभगत कर सस्ते सामानो को चौगुने दाम पर खरीदा था, और जांजगीर की इन्ही फर्मो ने सप्लाई किया था। जिस पर विभागीय अधिकारियो ने शासकीय कालेज लोहारकोट महासमुंद के प्राचार्य डॉ. एसएस तिवारी द्वारा पीएम उषा मद से आबंटित की गई राशि में गड़बड़ी, जैम पोर्टल के माध्यम से सामग्री क्रय किए जाने में आर्थिक अनियमितता में संलिप्तता पाई गई। शासकीय कालेज पिथौरा के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सीमा अग्रवाल व असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. बृहस्पत सिंह विशाल एवं असिस्टेंट प्रोफेसर पीठी सिंह ठाकुर और असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. एसएस दीवान को सस्पेंड किया था। सबसे दिलचस्प बात है स्पलायर फर्म पर कोई कार्यवाही नहीं की गई।

 

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