स्वतंत्र बोल
रायपुर 13 फरवरी 2026. महिला बाल विकास विभाग और भ्रष्टाचार का साथ चोली दामन का है। एक तरफ सरकार जीरो टॉलरेंस और सुशासन के दावे करें पर भ्रष्ट अधिकारी सरकार के उन दावों की छीछालेदर करने में जुटे है। हाल ही में प्रदेश भर में संपन्न हुए सामूहिक विवाह में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ। बर्तन, आभूषण, कपडे और श्रृंगार सामानो की खरीदी में जमकर कमीशनखोरी हुई, तो राजधानी में बिना टेंडर खुले ही ठेकेदार ने टेंट पंडाल लगा दिया था। राजधानी के साइंस कॉलेज ग्राउंड में हुए सामूहिक विवाह समारोह में छह जिलों के 1200 से अधिक युवक युवतियां दांपत्य सूत्र में बंधे। विभागीय अधिकारियो ने महीनो से इसकी तैयारी की और टेंट पंडाल के टेंडर में ने उनकी फजीहत करा दी।
दरअसल 10 फरवरी को हुए आयोजन के लिए 5 फरवरी को जिला महिला बाल विकास अधिकारी द्वारा इवेंट्स कंपनियो से प्रेजेंशन मंगाया था, जिसमे अभिषेक टेंट हाउस बिलासपुर, व्यापक इंटरप्राइजेस रायपुर, साईं इवेंट्स रायपुर एक्सिस कम्युनिकेशन दिल्ली और दीपाली डिजाइन नई दिल्ली शामिल थे। प्रजेंटेशन के बाद इन्ही में से किसी एक फार्म को काम दिया जाना था, पर उसके पहले ही बिलासपुर के अभिषेक टेंट हाउस ने टेंट पंडाल लगाना शुरू कर दिया था। जिसे लेकर बवाल मचा और कमीशनखोरी व भ्रष्टाचार के आरोपों से विभागीय अधिकारी घिर गए। दामन बचाने जुटे अधिकारियो ने आनन फानन में लोक निर्माण विभाग को पत्र लिखकर इम्पैनल एजेंसियो से काम कराने का दावा किया, पर अंततः कार्यादेश उसी फर्म को दिया गया जिसने टेंट लगाया था।
कांग्रेस का आरोप प्रमाणित-

कांग्रेस नेता सुबोध हरितवाल ने आयोजन के पूर्व प्रेस वार्ता लेकर विभाग में जारी कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था, जो आयोजन के बाद प्रमाणित हो गया है। विभागीय अधिकारी इस आयोजन के पूरी जानकारी देने से बचते रहे, पर सिक्को की खनक से सब बयां कर दिया है।



