हर पल मौत की परछाईं पड़ी थी पीछे, चिरायु टीम ने 8 साल की बच्ची को दी नई जिंदगी

स्वतंत्र बोल
महासमुंद 11 मार्च 2025.  ग्राम झालखम्हरिया की 8 साल की नन्ही अपेक्षा साहू की जिंदगी अचानक एक ऐसे मोड़ पर आ गई, जहाँ हर पल मौत की परछाईं उसका पीछा कर रही थी। उसके मासूम बचपन पर ब्लड कैंसर के एक दुर्लभ प्रकार एक्यूट प्रोमाइलोसाइटिक ल्यूकेमिया (एपीएमएल) ने गहरा असर डाला। महीनों से चला आ रहा बुखार, शरीर पर उभरते चकत्ते और पीलापन किसी गंभीर खतरे का संकेत दे रहे थे। जब स्वास्थ्य विभाग की चिरायु टीम को उसकी हालत का पता चला, तो बिना देरी किए उसे एम्स रायपुर ले जाया गया, जहाँ विस्तृत जांच के बाद उसकी बीमारी की पुष्टि हुई।

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