सहकारिता में जारी भर्राशाही पर अंकुश नहीं, विभागीय मंत्री कश्यप की चुप्पी.. विधानसभा में गूंजेगा सहकारिता में भ्रष्टाचार का मामला

स्वतंत्र बोल
रायपुर 04 मार्च 2025.  प्रदेश के जिला सहकारी बैंको में व्याप्त भ्रष्टाचार, बैंककर्मियों द्वारा किये जा रहे घोटाले जाँच में प्रमाणित होने के बाद भी कारगर कार्यवाही नहीं हो पा रही है। बैंको को बैंककर्मियों के द्वारा ही लुटा जा रहा, दूसरी तरफ सहकारिता मंत्री केदार कश्यप के नाम पर बैंको के सीईओ द्वारा सहकारी समितियों से अघोषित रूप से वसूली की जा रही है। उसके बाद मंत्री की चुप्पी है।

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केदार कश्यप मौजूदा कैबिनेट में सीनियर मंत्री है, पूर्व में तीन बार कैबिनेट का हिस्सा रह चुके है,, उसके बाद भी उनके नाम पर होने वाले वसूली पर मंत्री आखिर लगाम क्यों नहीं लगा पा रहे ? श्री कश्यप का विपक्ष में रहते प्रदेश बीजेपी महामंत्री थे तो वर्तमान में पावरफुल मंत्री है। श्री कश्यप जनजाति वर्ग से मजबूत और स्वश्च छवि के बेदाग़ मंत्री है, विभाग में निरंकुश भर्राशाही उनकी स्वश्च बेदाग़ छवि को धूमिल करने में जुटी है। जिला सहकारी बैंको अंबिकापुर से लेकर जगदलपुर तक धड़ल्ले से सरकारी खजाने को लूटा जा रहा है, तो दागी अफसरों को सीईओ बनाकर उपकृत किया जा रहा। जिस अधिकारी ने कांग्रेस से चुनाव लड़ने टिकट की दावेदारी की उसे बीजेपी सरकार में बड़े बैंक का सीईओ बनाकर उदाहरण पेश किया गया है। कांग्रेस का राग अलापने वाले संयुक्त पंजीयक को अपैक्स बैंक का प्रबंध संचालक के साथ मंत्री का ओएसडी बनाकर उपकृत किया गया।

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विधानसभा में होगी गूंज-

जिला सहकारी बैंको में व्याप्त गड़बड़ी और भर्राशाही की गूंज विधानसभा में सुनाई देगी। राजधानी के जिला सहकारी बैंक में हुए करोडो के घोटाले, धान खरीदी के दौरान हुई सामग्री खरीदी में हुई कमीशनखोरी और सीईओ की वसूली अभियान की गूंज बजट सत्र में सुनाई दे सकती है। बजाते है कि शीतकालीन सत्र में एक विधायक द्वारा सवाल लगाया गया था, पर सत्र छोटा होने से चर्चा नहीं हो पाई थी।

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