स्वतंत्र बोल
रायपुर 01 मार्च 2025. स्वतंत्र बोल की खबर का बड़ा असर हुआ है। राजधानी के प्राचीन रामचंद्र स्वामी जैतूसाव मठ की जमीनो के गुपचुप तरीके से खरीदी बिक्री की खबरे सार्वजनिक होने के बाद बिल्डर ने सौदा कैंसिल कर दिया है। स्वतंत्र बोल ने मठ की जमीनों के गुपचुप तरीके से खरीदी बिक्री को प्रमुखता से प्रकाशित किया था, जिसके बाद बिल्डर ने सौदा ने निरस्त कर दिया है।
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दतरेंगा में जैतूसाव मठ की साढ़े 17 एकड़ जमीन को साल 2024 में तहसीलदार ने आपत्ति के बाद भी किसान के नाम पर नामान्तरण कर दिया था। मठ प्रबंधन ने शुरुआत में आपत्ति के बाद लाखो रूपए लेकर अघोषित तौर पर समझौता कर लिया था, और जून 2025 में जमीन का कब्ज़ा किसानो को मिल जाता। स्वतंत्र बोल ने भगवान् के घर में हुए खेल को सार्वजनिक किया तो हड़कंप मचा और बिल्डर ने विवादित जमीन को खरीदने से इंकार कर दिया है। बताते है कि दतरेंगा के किसानो की आड़ में भू माफियाओ ने जमीन का सौदा अविनाश ग्रुप के बिल्डर से किया था। जिसके बदले में बिल्डर ने 62 लाख रुपये मंदिर प्रबंधक को नगद और चेक से दिया था। कुछ ट्रस्टियो को बिल्डर ने उपकृत किया था, जिसके बाद ही बेहद गोपनीय तरीके से मंदिर ट्रस्ट और बिल्डर के बीच समझौता हुआ था। रजिस्ट्री होने के पहले ही मामला सार्वजनिक होने पर बिल्डर ने हाथ खींच लिया है।
जमीन का विवाद सार्वजनिक होने के बाद अविनाश ग्रुप ने अपना पैसा वापस माँगा है। अविनाश ग्रुप के एमडी आनंद सिंघानिया ने इसकी पुष्टि की है। आनंद सिंघनिया ने कहा कि
“जमीन का सौदा हुआ था, बाद में विवाद की जानकारी हुई तो हमने सौदा निरस्त कर पैसा वापस मांगा है। अब मंदिर ट्रस्ट से हमने पैसा वापस माँगा है.. अविनाश ग्रुप फेयर तरीके से काम करता है, किसी भी तरीके के विवादित जमीनों का सौदा नहीं करते है।”
