एक पेज के 55 नंबर! CGPSC भर्ती पर बवाल…

स्वतंत्र बोल
रायपुर 21 अगस्त 2026 छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग CGPSC की वर्ष 2003 की भर्ती परीक्षा एक बार फिर सुर्खियों में है। करीब 23 साल पुराने इस भर्ती विवाद में कथित अनियमितताओं की जांच अब आगे बढ़ रही है। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो EOW मामले में चालान पेश करने की तैयारी कर रहा है, जिसमे 15 से ज्यादा अधिकारी जांच के दायरे में हैं।

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इस भर्ती में डिप्टी कलेक्टर और DSP समेत कई महत्वपूर्ण पदों पर 147 अभ्यर्थियों का चयन हुआ था। चयन प्रक्रिया में मूल्यांकन और अंकों को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं।

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मामले में सामने आए दस्तावेजों में मूल्यांकन को लेकर गंभीर विसंगतियों के दावे किए गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, एक अभ्यर्थी ने कथित तौर पर केवल एक पेज लिखा, लेकिन उसे 60 में से 55 अंक दिए गए। वहीं कुछ अभ्यर्थियों को पूरी उत्तर पुस्तिका लिखने के बावजूद 10 से 15 अंक मिलने का दावा किया गया।

मामले में मुख्य उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन और स्केलिंग सिस्टम में गड़बड़ी के आरोप भी लगाए गए हैं।

भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठने के बाद अभ्यर्थियों ने RTI के जरिए परीक्षा और मूल्यांकन से जुड़ी जानकारी जुटाई। इसके बाद मामला हाईकोर्ट पहुंचा।

2016 में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने 2003 PSC मुख्य परीक्षा के वैकल्पिक विषयों की दोबारा स्केलिंग और कुछ उत्तर पुस्तिकाओं की पुनः जांच समेत संशोधित मेरिट सूची तैयार करने के निर्देश दिए थे।

इस फैसले का असर 147 चयनित अधिकारियों की नियुक्तियों पर पड़ सकता था। इसके बाद चयनित अधिकारियों की ओर से सुप्रीम कोर्ट में मामला पहुंचा और हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगी।

दो दशक से ज्यादा समय से लंबित इस मामले में अब EOW की जांच और संभावित चालान को लेकर फिर हलचल तेज हुई है। दूसरी ओर, सुप्रीम कोर्ट में भी यह विवाद लंबे समय से लंबित है और 2026 में मामले को सुलझाने के लिए समाधान की दिशा में प्रयास की खबरें सामने आई थीं।