PDA की काट तलाशेगी भाजपा? मिशन-2027 से पहले लखनऊ में होगा मंथन

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लखनऊ 26 अक्टूबर 2026:
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने संगठन को मजबूत करने की तैयारी तेज कर दी है। पार्टी ने 712 सदस्यों वाली प्रदेश कार्यसमिति की घोषणा की है। इस सूची में बदायूं के दातागंज से पूर्व विधायक शिनोद शाक्य का नाम भी शामिल है, जबकि दी गई जानकारी के मुताबिक, वह सोमवार दोपहर भाजपा छोड़कर समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए थे। अब 30 और 31 अक्टूबर को लखनऊ में होने वाली प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में चुनावी रणनीति पर चर्चा होगी।

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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की ओर से जारी सूची में 548 प्रदेश कार्यसमिति सदस्य, 30 स्थायी आमंत्रित सदस्य और 134 विशेष आमंत्रित सदस्य शामिल हैं। स्थायी आमंत्रित सदस्यों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक समेत कई वरिष्ठ नेताओं के नाम हैं।

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क्षेत्रीय और जिला स्तर के नेताओं को भी कार्यसमिति में जगह दी गई है। पार्टी की कोशिश संगठन के अलग-अलग स्तरों के नेताओं को साथ लाकर चुनाव से पहले संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने की है।

30-31 अक्टूबर को लखनऊ में बैठक

भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक 30 और 31 अक्टूबर को लखनऊ में प्रस्तावित है। इसमें अमित शाह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह समेत वरिष्ठ नेताओं के शामिल होने की संभावना है। इससे पहले 29 अक्टूबर को प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक प्रस्तावित है।

बैठकों में संगठन की सक्रियता, बूथ प्रबंधन, सरकारी योजनाओं को जनता तक पहुंचाने और आगामी राजनीतिक रणनीति पर चर्चा हो सकती है। हालांकि, प्रदेश कार्यसमिति की बैठक का विस्तृत आधिकारिक एजेंडा अभी सामने नहीं आया है।

2024 के लोकसभा चुनाव के बाद संगठन पर जोर

उत्तर प्रदेश में 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा की सीटें घटने के बाद संगठन की जमीनी पकड़ और कार्यकर्ताओं की सक्रियता पार्टी के लिए अहम मुद्दे हैं। विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के सामने संगठनात्मक ताकत को चुनावी समर्थन में बदलने की चुनौती होगी।

इसके लिए बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता, स्थानीय नेताओं के बीच तालमेल और सरकार की योजनाओं को लोगों तक पहुंचाना महत्वपूर्ण हो सकता है। क्षेत्रवार राजनीतिक चुनौतियों पर भी पार्टी का ध्यान रहने की संभावना है।

PDA और सामाजिक समीकरणों पर नजर

2027 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी का PDA फॉर्मूला भाजपा के लिए अहम राजनीतिक चुनौती माना जा रहा है। ऐसे में पिछड़े वर्गों, दलितों, युवाओं और महिलाओं के बीच अपनी पहुंच मजबूत करना पार्टी की रणनीति का हिस्सा हो सकता है।

भाजपा के सामने अपने पारंपरिक समर्थक वर्गों को साथ बनाए रखने के साथ नए सामाजिक समूहों के बीच भरोसा बढ़ाने की चुनौती भी होगी। सहयोगी दलों के साथ तालमेल और क्षेत्रीय समीकरण भी चुनावी रणनीति को प्रभावित कर सकते हैं।

सपा में शामिल हुए शिनोद शाक्य का नाम सूची में

दी गई जानकारी के अनुसार, बदायूं की दातागंज सीट से पूर्व विधायक शिनोद शाक्य सोमवार दोपहर भाजपा छोड़कर समाजवादी पार्टी में शामिल हुए। इसके बाद जारी भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की सूची में भी उनका नाम शामिल बताया गया है।

इस मामले में उपलब्ध जानकारी में शिनोद शाक्य को प्रदेश कार्यसमिति का सदस्य और स्थायी आमंत्रित सदस्य, दोनों तरह से उल्लेखित किया गया है। इसलिए उनकी सूची में दर्ज आधिकारिक श्रेणी की पुष्टि जरूरी है।

इसके अलावा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के संसदीय क्षेत्र महराजगंज के वेद प्रकाश गुप्ता का नाम भी कार्यसमिति में दो जगह शामिल होने की जानकारी दी गई है।

कार्यसमिति की घोषणा के साथ भाजपा ने संगठनात्मक तैयारी का एक अहम चरण पूरा किया है। अब लखनऊ में होने वाली बैठक में सामने आने वाले फैसलों से मिशन-2027 के लिए पार्टी की प्राथमिकताओं के बारे में अधिक स्पष्टता मिल सकती है।