स्वतंत्र बोल
चेन्नई,10 मई 2026: तमिलनाडु की राजनीति में 10 मई का दिन इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया। सिल्वर स्क्रीन पर करोड़ों दिलों पर राज करने वाले थलपति विजय अब सत्ता के सबसे बड़े सिंहासन पर पहुंच चुके हैं। अभिनेता से नेता बने सी जोसेफ विजय ने आज तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। लेकिन इस भव्य समारोह के दौरान एक ऐसा पल आया, जिसने पूरे स्टेडियम को कुछ सेकंड के लिए सन्न कर दिया।
चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में विजय जैसे ही शपथ लेने पहुंचे, अचानक भाषण देने लगे। मंच पर मौजूद राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने तुरंत उन्हें रोका और शपथ पत्र पढ़ने के लिए कहा। यह दृश्य देखते ही वहां मौजूद हजारों लोगों के बीच हलचल मच गई। सोशल मीडिया पर भी यह पल तेजी से वायरल होने लगा।
शपथ समारोह के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी मंच पर विजय के साथ नजर आए। विजय ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद राज्यपाल का अभिनंदन किया और समर्थकों का अभिवादन स्वीकार किया।
तमिलागा वेट्री कड़गम यानी टीवीके की सरकार बनते ही तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। दशकों से राज्य की राजनीति पर कब्जा जमाए बैठी DMK और AIADMK जैसी पार्टियों का वर्चस्व अब टूटता दिखाई दे रहा है। राजनीतिक गलियारों में इसे “तमिलनाडु का सबसे बड़ा सत्ता परिवर्तन” बताया जा रहा है।
कांग्रेस नेता माणिकम टैगोर ने विजय को बधाई देते हुए कहा कि तमिलनाडु के लोग अब बदलाव और नई उम्मीद देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता सामाजिक न्याय, बराबरी, विकास और इंसानियत पर आधारित सरकार चाहती है।
मुख्यमंत्री विजय के साथ 9 मंत्रियों ने भी शपथ ली। इनमें टीवीके के महासचिव और प्रवक्ता एन. आनंद, प्रमुख रणनीतिकार आधव अर्जुन, पूर्व IRS अधिकारी केजी अरुण राज, वरिष्ठ नेता केए सेंगोट्टैयन, विजय के पुराने सहयोगी पी. वेंकेटरामनन, पूर्व बीजेपी सोशल मीडिया चीफ आर. निर्मलकुमार, अभिनेता और निर्देशक राजमोहन, डेंटिस्ट से नेता बने डॉ. टीके प्रभु और 29 वर्षीय एस. कीर्तना शामिल हैं। कीर्तना इस सरकार की सबसे युवा मंत्री बनी हैं।
सबसे ज्यादा चर्चा उन चेहरों की हो रही है जो कभी AIADMK, बीजेपी और दूसरे दलों से जुड़े रहे, लेकिन अब विजय के साथ नई राजनीतिक पारी खेल रहे हैं। इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि विजय ने सिर्फ सरकार नहीं बनाई, बल्कि तमिलनाडु की पूरी राजनीतिक दिशा बदलने की तैयारी कर ली है।
विजय के मुख्यमंत्री बनने पर उनके पिता और प्रसिद्ध निर्देशक एसए चंद्रशेखर भावुक नजर आए। उन्होंने कहा, “मैं बहुत खुश हूं। जो कुछ भी किया, अपने बेटे के लिए किया। आखिरकार विजय के जरिए तमिल लोगों को सफलता मिली है।”
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या ‘विजय युग’ तमिलनाडु की राजनीति को पूरी तरह बदल देगा, या फिर यह चमक सिर्फ शुरुआत तक सीमित रहेगी? फिलहाल पूरे देश की नजरें विजय सरकार के पहले फैसले पर टिकी हुई हैं।


