स्वतंत्र बोल
महाराष्ट्र 14 अप्रैल 2026: महाराष्ट्र के पुणे से एक बेहद चौंकाने और डराने वाला मामला सामने आया है, जहां ‘दिव्य शक्ति’ और ‘देवऋषि’ बनने का ढोंग रचकर एक शख्स ने महिला की जिंदगी को पांच साल तक नर्क बना दिया। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब राज्य में पहले से ही कई धोखाधड़ी और अंधविश्वास से जुड़े मामले सुर्खियों में हैं।
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जानकारी के अनुसार, 42 वर्षीय पीड़िता को पारिवारिक विवादों और नौकरी दिलाने का लालच देकर आरोपी ने अपने जाल में फंसा लिया। आरोपी, जिसकी पहचान औदुंबर मनोहर गडदे के रूप में हुई है, खुद को ‘देवऋषि’ बताकर महिला की कमजोरियों का फायदा उठाता रहा। वह महिला को यह यकीन दिलाता रहा कि उसके पास ‘दिव्य शक्तियां’ हैं, जिनसे वह उसकी हर समस्या का समाधान कर सकता है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि इस झांसे के बाद आरोपी ने महिला को स्वारगेट इलाके के एक लॉज में बुलाया, जहां उसने पहली बार उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद यह सिलसिला यहीं नहीं रुका, बल्कि आरोपी महिला को अलग-अलग स्थानों जैसे लोणेरे, उत्तेखोल और माणगांव ले जाकर लगातार उसका यौन शोषण करता रहा। डर, अंधविश्वास और मानसिक दबाव के चलते पीड़िता लंबे समय तक इस जाल से बाहर नहीं निकल पाई।
इस पूरे घटनाक्रम का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि आरोपी ने केवल शारीरिक शोषण ही नहीं किया, बल्कि महिला को निवेश के नाम पर भारी मुनाफे का लालच देकर आर्थिक रूप से भी बर्बाद कर दिया। मई 2021 से शुरू हुई यह ठगी नकद और गहनों के रूप में जारी रही और देखते ही देखते आरोपी ने करीब 50 लाख 55 हजार रुपये ऐंठ लिए।
आखिरकार जब पीड़िता को इस पूरे धोखे और शोषण का एहसास हुआ, तो उसने हिम्मत जुटाकर 11 अप्रैल को स्वारगेट पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
फिलहाल पुलिस इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है, क्योंकि आशंका जताई जा रही है कि आरोपी ने इसी तरह और भी लोगों को अपना शिकार बनाया हो सकता है। यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि अंधविश्वास और झूठे ‘चमत्कार’ के जाल में फंसना किस हद तक खतरनाक साबित हो सकता है।
