5 दिन तक घर में सड़ती रही लाश… फिर बाथरूम में हुआ अंतिम संस्कार! Dhanbad की इस घटना ने हिला दी इंसानियत

स्वतंत्र बोल 
धनबाद 14 अप्रैल 2026: झारखंड के धनबाद से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने हर किसी को अंदर तक झकझोर कर रख दिया है। यह मामला सिर्फ एक मौत का नहीं, बल्कि उस खामोशी और संवेदनहीनता का है, जो धीरे-धीरे समाज को खोखला कर रही है।

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गोविंदपुर थाना क्षेत्र की एक कॉलोनी में रहने वाली एक युवती की मौत हो गई, लेकिन इसके बाद जो हुआ, उसने लोगों को डर और हैरानी में डाल दिया। बताया जा रहा है कि युवती लंबे समय से डिप्रेशन से जूझ रही थी और घर में अकेलेपन के बीच उसकी हालत बिगड़ती चली गई।

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सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि मौत के बाद उसका शव पूरे 5 दिनों तक घर में ही पड़ा रहा। इस दौरान न तो कोई पड़ोसी आगे आया और न ही कोई मदद के लिए तैयार हुआ। हालात इतने बिगड़ गए कि घर से तेज बदबू और सड़ांध फैलने लगी, जिससे आसपास के लोगों का रहना मुश्किल हो गया।

जब पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी, तब जाकर पूरा मामला सामने आया। पुलिस मौके पर पहुंची तो बाथरूम के अंदर जली हुई लाश मिली। शुरुआती जांच में पता चला कि युवती के भाई ने ही घर के बाथरूम में उसका अंतिम संस्कार कर दिया था।

जानकारी के मुताबिक, युवती की मौत 8 अप्रैल को हुई थी। भाई ने आसपास के लोगों को इसकी सूचना देने की कोशिश की, लेकिन किसी ने उसकी बात को गंभीरता से नहीं लिया। धीरे-धीरे शव की स्थिति बिगड़ती गई और उसमें कीड़े पड़ने लगे। ऐसे में घबराहट और लाचारी में भाई ने कपड़े, रजाई और तकिए की मदद से बाथरूम में ही अंतिम संस्कार कर दिया।

यह घर एक रिटायर्ड वैज्ञानिक का बताया जा रहा है, जिनकी पहले ही मौत हो चुकी थी। परिवार के बाकी सदस्य भी धीरे-धीरे समाज से कटते चले गए थे, जिससे यह अकेलापन और गहराता गया।

पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो पाएगा।

लेकिन इस घटना ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं—क्या हमारा समाज इतना संवेदनहीन हो गया है कि किसी की मौत के बाद भी मदद के लिए कोई आगे नहीं आता? या फिर यह डर, दूरी और अविश्वास का ऐसा जाल है, जिसमें इंसानियत कहीं खोती जा रही है।