स्वतंत्र बोल
रायपुर,07 अप्रैल 2026: छत्तीसगढ़ में धर्म परिवर्तन को लेकर बड़ा और सख्त फैसला लागू हो गया है। Ramen Deka ने ‘धर्म स्वातंत्र्य विधेयक’ पर हस्ताक्षर कर दिए हैं, जिसके बाद यह अब कानून का रूप ले चुका है।
इस फैसले के साथ ही राज्य में जबरन, धोखे या लालच देकर धर्म परिवर्तन कराने वालों पर कड़ी कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है।
अब क्या बदलेगा?
नए कानून के लागू होने के बाद अगर कोई व्यक्ति किसी को प्रलोभन, दबाव या छल के जरिए धर्म बदलने के लिए मजबूर करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सरकार का दावा है कि यह कानून लोगों की धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए लाया गया है।
पहले से चल रही थी चर्चा
इस विधेयक को लेकर लंबे समय से राजनीतिक और सामाजिक बहस चल रही थी।
अब Ramen Deka के हस्ताक्षर के बाद इस पर लगी सभी अटकलों पर विराम लग गया है।
क्यों अहम है यह कानून?
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कानून राज्य में धार्मिक परिवर्तन से जुड़े मामलों में स्पष्टता लाएगा और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने में मदद करेगा।
हालांकि, इसको लेकर आने वाले समय में राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया भी देखने को मिल सकती है।


