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रायपुर 4 अक्टूबर 2026 : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के खमतराई थाना क्षेत्र से 2 अक्टूबर 2026 की दोपहर एक युवक के अपहरण की वारदात सामने आई है। उत्तर प्रदेश पासिंग की काले रंग की स्कॉर्पियो में सवार तीन बदमाशों ने रांवाभाठा निवासी प्रतीक राय का अपहरण कर लिया था। रायपुर पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी सर्विलांस और अंतरराज्यीय पुलिस समन्वय की मदद से महज 12 घंटे के भीतर वारदात का पर्दाफाश करते हुए उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर से तीन आरोपियों को हिरासत में ले लिया है।
रात 9 बजे पत्नी ने दर्ज कराई पति की गुमशुदगी
मामला 2 अक्टूबर की रात उस समय सामने आया, जब रांवाभाठा स्थित डीएम टावर निवासी अनिता राय खमतराई थाने पहुंचीं। उन्होंने पुलिस को सूचना दी कि उनके पति प्रतीक राय दोपहर से घर नहीं लौटे हैं और उनका मोबाइल फोन भी लगातार बंद आ रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और इलाके के सीसीटीवी कैमरे खंगालना शुरू किए।
दोपहर 2:28 बजे सीसीटीवी में कैद हुई वारदात
पुलिस की जांच के दौरान आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, जिसमें एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ। दोपहर करीब 2:28 बजे उत्तर प्रदेश पासिंग नंबर की एक काले रंग की स्कॉर्पियो में आए तीन अज्ञात लोग प्रतीक राय को जबरदस्ती गाड़ी में बैठाकर ले जाते दिखे। इसके बाद पुलिस ने तुरंत तकनीकी सर्विलांस की मदद से वाहन की लोकेशन ट्रेस करना शुरू कर दिया।
यूपी की ओर भागी स्कॉर्पियो, मिर्जापुर पुलिस को किया अलर्ट
तकनीकी निगरानी में पता चला कि संदिग्ध स्कॉर्पियो तेजी से उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ रही है। रायपुर पुलिस ने तुरंत मिर्जापुर पुलिस और रास्ते में पड़ने वाले चौपन तथा रॉबर्ट्सगंज थानों को अलर्ट कर दिया। संभावित मार्गों पर नाकाबंदी कर गाड़ियों की चेकिंग शुरू की गई। आखिरकार मिर्जापुर के अहरौरा में पुलिस ने संदिग्ध स्कॉर्पियो को रोककर अपहृत युवक को छुड़ा लिया।
पैसों के लेन-देन में अपहरण, तीन आरोपी हिरासत में
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वाहन और पैसों के लेन-देन के विवाद के चलते प्रतीक राय का अपहरण किया गया था। पुलिस ने मौके से उत्तर प्रदेश निवासी तीन आरोपियों- अभय सिंह, बृहस्पत देव सिंह और आदर्श सिंह को हिरासत में लिया है। रायपुर पुलिस की एक टीम आरोपियों को वापस लाने के लिए यूपी रवाना हो चुकी है। यह पूरी कार्रवाई पुलिस आयुक्त डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देश और स्थानीय अफसरों के पर्यवेक्षण में खमतराई पुलिस टीम द्वारा अंजाम दी गई।