स्वतंत्र बोल
रायपुर 17 सितम्बर 2026 : छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत साजापाली की शासकीय उचित मूल्य दुकान में खाद्यान्न वितरण में भारी अनियमितता का मामला सामने आया है। खाद्य विभाग की जांच में दुकान से 9 लाख 86 हजार रुपये मूल्य का चावल, शक्कर और नमक गायब पाया गया। इस गंभीर हेराफेरी के सामने आने के बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों के विरुद्ध नामजद एफआईआर दर्ज कराई, जिनमें से तीन को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
भौतिक सत्यापन में शून्य मिला खाद्यान्न का स्टॉक
खाद्य विभाग की टीम ने साजापाली स्थित राशन दुकान में उपलब्ध भौतिक खाद्यान्न का ई-पॉस सर्वर में दर्ज आंकड़ों से मिलान किया। मौके पर जांच के दौरान दुकान में खाद्यान्न का वास्तविक स्टॉक शून्य मिला। ऑनलाइन रिकॉर्ड की तुलना में 219.82 क्विंटल चावल (कीमत 9,44,551 रुपये), 8.57 क्विंटल शक्कर (कीमत 35,966 रुपये) और 4.82 क्विंटल नमक (कीमत 5,678 रुपये) कम पाया गया।
196 हितग्राहियों के नाम पर दर्ज था फर्जी वितरण
ई-पॉस मशीन और ऑनलाइन अभिलेखों की पड़ताल में 196 हितग्राहियों के नाम पर खाद्यान्न का वितरण दर्ज दिखाया गया था, जबकि मौके पर कोई अनाज उपलब्ध नहीं था। इन प्रभावित हितग्राहियों में विशेष रूप से संरक्षित जनजाति पहाड़ी कोरवा परिवार भी शामिल हैं। इसके अलावा दुकान में रखी जाने वाली स्टॉक पंजी, मूल्य सूची बोर्ड सहित अन्य जरूरी सरकारी दस्तावेजों में भी भारी अनियमितताएं पाई गईं।
एसडीएम के समक्ष संतोषजनक जवाब न मिलने पर कार्रवाई
खाद्य विभाग द्वारा इस मामले में संबंधित जिम्मेदार लोगों से एसडीएम धरमजयगढ़ के समक्ष स्पष्टीकरण मांगा गया था। जवाब संतोषजनक न मिलने पर खाद्य निरीक्षक चूड़ामणि सिदार ने धरमजयगढ़ थाने में लिखित शिकायत दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधितों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(5), 3(5) तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत केस दर्ज किया है।
स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष समेत तीन आरोपी गिरफ्तार
मामले में नामजद आरोपियों में ज्योति महिला स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष सुमित्रा केरकेट्टा, सचिव सोनमती एक्का, वर्तमान विक्रेता विजय कुमार कोरवा और पूर्व विक्रेता ईशाक बेक शामिल हैं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है। प्रशासन ने साफ किया है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।


