बस में निकले अफसर, प्रशासन ने क्यों लिया अचानक ये बड़ा फैसला? पीछे की वजह जानकर रह जाएंगे हैरान

स्वतंत्र बोल
महासमुंद,20 मई 2026:  आमतौर पर सरकारी कार्यक्रमों में अफसरों का लंबा काफिला और अलग-अलग गाड़ियों की भीड़ देखने को मिलती है, लेकिन महासमुंद जिले के बसना अनुविभाग में मंगलवार को कुछ ऐसा हुआ जिसने लोगों का ध्यान खींच लिया। सुशासन तिहार के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों की पूरी टीम एक साथ बस में सवार होकर ग्राम नगौड़ी पहुंची। इस अनोखी तस्वीर ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया कि आखिर प्रशासन ने अचानक ऐसा फैसला क्यों लिया।

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दरअसल, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) हरिशंकर पैकरा, तहसीलदार के.के. साहू और जनपद पंचायत सीईओ पीयूष ठाकुर समेत 23 सदस्यीय अधिकारी-कर्मचारियों की टीम ने सामूहिक बस यात्रा कर न सिर्फ सुशासन तिहार शिविर में भाग लिया, बल्कि ईंधन बचत, पर्यावरण संरक्षण और सरकारी खर्चों में मितव्ययिता का बड़ा संदेश भी दिया।

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बताया जा रहा है कि कलेक्टर विनय लंगेह ने हाल ही में समय-सीमा की बैठक में सभी विभागों को अनावश्यक खर्च कम करने और संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद बसना प्रशासन ने यह कदम उठाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भी लगातार ईंधन संरक्षण और जिम्मेदार व्यवहार की अपील की जाती रही है, जिसे अब स्थानीय प्रशासन जमीन पर उतारता नजर आ रहा है।

एसडीएम हरिशंकर पैकरा ने कहा कि प्रशासन का दायित्व केवल आदेश देना नहीं, बल्कि समाज के सामने उदाहरण पेश करना भी है। उन्होंने कहा कि सामूहिक यात्रा से ईंधन की बचत के साथ टीम भावना और आपसी समन्वय भी मजबूत होता है।

इस पहल को कर्मचारियों ने भी सराहा। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले समय में सुशासन तिहार सहित अन्य सरकारी कार्यक्रमों में भी सामूहिक बस यात्रा को प्राथमिकता दी जाएगी। वर्तमान समय में बढ़ते ईंधन संकट और पर्यावरणीय चुनौतियों के बीच बसना प्रशासन की यह पहल चर्चा का विषय बन गई है।

प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे अनावश्यक वाहन उपयोग से बचें, कार पूलिंग और सामूहिक यात्रा को बढ़ावा दें ताकि ईंधन संरक्षण के साथ पर्यावरण को भी सुरक्षित रखा जा सके।