स्वतंत्र बोल
उत्तर प्रदेश , 01 अप्रैल 2025:उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रधानमंत्री बनने की चर्चा सियासी हलकों में हमेशा होती रहती है। हालांकि, इस बार उन्होंने खुद इस पर स्पष्ट जवाब दिया है।
|
WhatsApp Group
|
Join Now |
|
Facebook Page
|
Follow Now |
|
Twitter
|
Follow Us |
|
Youtube Channel
|
Subscribe Now |
सीएम योगी ने कहा कि राजनीति उनके लिए कोई पूर्णकालिक कार्य नहीं है, बल्कि वह वर्तमान में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
एक इंटरव्यू में योगी ने कहा, “मैं एक योगी हूं, और राजनीति मेरे लिए फुल टाइम जॉब नहीं है। मैं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में राज्य के लोगों के लिए काम कर रहा हूं। जब तक मुझे यहां रहकर काम करने की जिम्मेदारी दी जाती है, मैं पूरी तरह से समर्पित हूं।”
उन्होंने यह भी कहा कि उनका ध्यान सिर्फ राज्य के विकास और जनता की भलाई पर है, और भविष्य में जो भी होगा, वह देखा जाएगा। इस बयान के बाद सीएम योगी ने सड़कों पर नमाज पढ़ने पर रोक लगाने, बुलडोजर मॉडल और राज्य में कानून-व्यवस्था के मुद्दों पर भी अपने विचार साझा किए।
योगी का यह बयान उनके प्रधानमंत्री बनने की चर्चा पर एक साफ-सुथरा जवाब है, जो यह दर्शाता है कि फिलहाल उनकी प्राथमिकता राज्य के विकास और प्रशासन में है। सड़कों पर नमाज पढ़ने पर रोक लगाने के मुद्दे पर सीएम योगी ने अपने फैसले को सही ठहराते हुए कहा कि सड़कें सार्वजनिक उपयोग के लिए हैं और अनुशासन बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने उदाहरण दिया कि प्रयागराज में महाकुंभ के दौरान 66 करोड़ लोग पहुंचे और वहां कोई हिंसा या अव्यवस्था नहीं हुई, जबकि वहां भी श्रद्धालुओं ने अनुशासन से काम लिया।
सीएम योगी ने अपने ‘बुलडोजर मॉडल’ को लेकर भी खुलकर बात की। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह इसे अपनी प्रमुख उपलब्धियों में से मानते हैं, तो उन्होंने इसे सिर्फ एक जरूरी कदम बताया और कहा कि यह राज्य की जरूरत थी। अगर कहीं अतिक्रमण हो, तो उसे हटाने के लिए बुलडोजर का इस्तेमाल किया जाता है।
सीएम योगी के इन बयानों से यह साफ हो गया कि उनकी प्राथमिकता उत्तर प्रदेश के विकास और शांति व्यवस्था को बनाए रखना है, न कि राजनीति के दूसरे पहलुओं पर फोकस करना।
