स्वतंत्र बोल
नई दिल्ली 1 अक्टूबर 2026 : छत्तीसगढ़ के शराब घोटाले से जुड़े मैनपावर-सप्लाई मामले में एन. उदय राव को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत मिल गई है। गुरुवार को हुई सुनवाई में कोर्ट ने राव के खिलाफ किसी प्रतिकूल रिपोर्ट के बारे में पूछा। राज्य की ओर से बताया गया कि उनके खिलाफ कोई प्रतिकूल रिपोर्ट नहीं है। इसके बाद कोर्ट ने उन्हें अपनी शर्तों के साथ अंतरिम जमानत पर रहने की अनुमति दी।
CSMCL के मैनपावर कॉन्ट्रैक्ट से जुड़ा है मामला
यह मामला छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CSMCL) की शराब दुकानों पर स्टाफ की तैनाती के लिए 2019 से 2023 के बीच दिए गए मैनपावर कॉन्ट्रैक्ट से जुड़ा है। राव के खिलाफ EOW/ACB ने मामला दर्ज किया है।
अभियोजन पक्ष का आरोप है कि ओवरटाइम, बोनस, अतिरिक्त कार्य दिवस और सर्विस चार्ज के नाम पर बढ़े हुए दावे किए गए। आरोप है कि A-2-Z इंफ्रासर्विसेज लिमिटेड को करीब 34.06 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भुगतान मिला। इसमें से करीब 6.90 करोड़ रुपये कथित तौर पर अवैध कमीशन के रूप में दिए गए।
राव ने आरोपों से किया इनकार
एन. उदय राव ने आरोपों का खंडन किया है। उनकी ओर से कहा गया कि FIR में उनका नाम नहीं था। उन्होंने यह भी कहा कि वह A-2-Z इंफ्रासर्विसेज लिमिटेड के न तो डायरेक्टर थे और न ही शेयरहोल्डर।
राव की ओर से यह भी दलील दी गई कि कंपनी पर उनका कोई स्वतंत्र प्रबंधकीय या वित्तीय नियंत्रण नहीं था।
12 मई को हुई थी गिरफ्तारी
एन. उदय राव को 12 मई 2026 को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उन्होंने नियमित जमानत के लिए छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का रुख किया था।
हाई कोर्ट ने 6 अगस्त 2026 को उनकी नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी थी। हाई कोर्ट के आदेश में अभियोजन की ओर से राव की कथित भूमिका और मामले में उपलब्ध सामग्री का उल्लेख किया गया था।
21 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला
हाई कोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। 21 अगस्त 2026 को हुई सुनवाई में जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने मामले को 1 अक्टूबर के लिए सूचीबद्ध किया था।
गुरुवार की सुनवाई में कोर्ट ने राव के खिलाफ किसी प्रतिकूल रिपोर्ट के बारे में जानकारी मांगी। राज्य ने बताया कि ऐसी कोई प्रतिकूल रिपोर्ट नहीं है। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम जमानत की अनुमति दे दी।
अंतरिम जमानत का मतलब क्या है?
अंतरिम जमानत मामले में अंतिम फैसला नहीं है। यह सीमित अवधि या कोर्ट की तय शर्तों के तहत दी जाने वाली राहत है। उदय राव को भी कोर्ट की शर्तों का पालन करना होगा।
मामले में लगाए गए आरोपों का अंतिम निर्धारण अभी बाकी है। जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया अपने स्तर पर जारी रहेगी।


