आरंग। छत्तीसगढ़ के आरंग क्षेत्र में रेत माफियाओं के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध भंडारण का विशाल जखीरा पकड़ लिया है। ग्राम गुल्लू के पास की गई संयुक्त कार्रवाई में कुल 142 हाइवा रेत जब्त की गई है। इतनी बड़ी मात्रा में अवैध रेत मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है और रेत कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के मुताबिक, प्रशासन को लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि क्षेत्र में चोरी-छिपे भारी मात्रा में रेत डंप की जा रही है। शिकायतों के बाद राजस्व और खनिज विभाग की टीम ने अचानक दबिश दी। जांच के दौरान दो अलग-अलग स्थानों पर अवैध रेत का बड़ा भंडारण मिला।
पहली कार्रवाई गुल्लू-अकोली मार्ग पर की गई, जहां सुंदर नगर भिलाई निवासी प्रिंस जायसवाल की निजी जमीन पर करीब 81 हाइवा रेत अवैध रूप से डंप मिली। इसके बाद टीम ने गुल्लू-देवरी मार्ग पर दबिश दी, जहां आरंग निवासी अविनाश अग्रवाल द्वारा लगभग 61 हाइवा रेत का अवैध भंडारण पाया गया।
प्रशासन ने मौके पर ही पूरी रेत जब्त कर ली और कुल 142 हाइवा रेत को ग्राम पंचायत गुल्लू की सुपुर्दगी में दे दिया गया। अधिकारियों ने साफ कहा है कि बिना वैध दस्तावेज और रॉयल्टी पर्ची के रेत का भंडारण पूरी तरह गैरकानूनी है और ऐसे मामलों में अब लगातार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
खनिज विभाग की इस कार्रवाई का नेतृत्व खनिज निरीक्षक प्रिया सिन्हा ने किया। टीम में सुनील दत्त शर्मा, लुकेश वर्मा और तारकेश्वर वर्मा समेत अन्य कर्मचारी शामिल रहे।
खनिज निरीक्षक प्रिया सिन्हा ने चेतावनी देते हुए कहा कि अवैध उत्खनन और रेत भंडारण करने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन की यह कार्रवाई रेत माफियाओं के लिए साफ संदेश है कि नियमों को ताक पर रखकर कारोबार करने वालों पर लगातार शिकंजा कसा जाएगा।
इलाके में हुई इस बड़ी कार्रवाई के बाद अब सवाल उठने लगे हैं कि आखिर इतने बड़े पैमाने पर रेत का अवैध खेल कब से चल रहा था और इसके पीछे कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।


