झारखंड से दुर्ग तक फैला नशे का काला जाल! 15 लाख की अफीम के साथ दो तस्कर गिरफ्तार, कई नाम आए सामने

दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग में नशे के कारोबार का बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने अवैध मादक पदार्थ की तस्करी करने वाले गिरोह पर कार्रवाई करते हुए 15 लाख रुपये की अफीम के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में ऐसे संकेत मिले हैं कि झारखंड से नशे का सामान लाकर दुर्ग और आसपास के इलाकों में खपाया जा रहा था। इस खुलासे के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।

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जानकारी के मुताबिक, मामला कुम्हारी थाना क्षेत्र का है। पुलिस को लगातार सूचना मिल रही थी कि बाहरी राज्यों से मादक पदार्थ लाकर शहर में सप्लाई की जा रही है। जब पुलिस ने गुप्त तरीके से निगरानी शुरू की तो पूरे नेटवर्क की परतें खुलने लगीं।

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जांच के दौरान सुरेंद्र उर्फ सुंदर साहू और राजकेश्वर साहू समेत अन्य लोगों की भूमिका सामने आई। इसके बाद पुलिस ने 12 मई को NDPS एक्ट के तहत दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिलने की बात भी सामने आ रही है।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 15 लाख रुपये कीमत की अफीम बरामद की है। जांच में यह भी पता चला कि दोनों आरोपी झारखंड के गुमला इलाके के रहने वाले हैं और वहीं से नशे का सामान लाकर दुर्ग समेत आसपास के क्षेत्रों में सप्लाई करते थे।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पुलिस को शक है कि इस नेटवर्क में और भी कई लोग शामिल हैं, जो लंबे समय से इस धंधे को चला रहे थे। फिलहाल पुलिस बाकी आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।

गौरतलब है कि इससे पहले भी दुर्ग पुलिस ने प्रदेश में पहली बार हाइड्रोपोनिक गांजा के साथ दो तस्करों को गिरफ्तार किया था। भिलाई नगर पुलिस ने 4 अप्रैल को कार्रवाई करते हुए 2 किलो गांजा और 2.3 किलो हाइड्रोपोनिक गांजा जब्त किया था। बताया जाता है कि हाइड्रोपोनिक गांजा सामान्य गांजे से ज्यादा खतरनाक और नशीला होता है, क्योंकि उसमें THC की मात्रा काफी अधिक होती है।

लगातार सामने आ रहे मामलों ने यह साफ कर दिया है कि दुर्ग और आसपास के इलाकों में नशे का नेटवर्क तेजी से फैल रहा है। अब पुलिस इस पूरे गिरोह की जड़ों तक पहुंचने की कोशिश में जुटी हुई है।