स्वतंत्र बोल
नई दिल्ली 26 सितम्बर 2026: विवादों के बीच शनिवार, 26 सितंबर 2026 को दोपहर 3 बजे नई दिल्ली स्थित निर्वाचन सदन में भारत निर्वाचन आयोग की एक अहम बैठक आयोजित हुई. राष्ट्रीय राजधानी में हुई इस बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ दोनों चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी मौजूद रहे. यह बैठक एक मीडिया रिपोर्ट में आयोग के भीतर आधिकारिक फैसलों को लेकर सामने आई आपत्तियों के खुलासे के तुरंत बाद बुलाई गई.
10 महीनों में 14 बार दर्ज कराई आधिकारिक आपत्ति
यह उच्चस्तरीय बैठक इंडियन एक्सप्रेस की उस रिपोर्ट के बाद हुई, जिसमें बड़ा दावा किया गया था. रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार उन फैसलों और आदेशों पर आधिकारिक तौर पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी, जो उनकी जानकारी या सिफारिश के बिना जारी किए गए थे.
यह उच्चस्तरीय बैठक इंडियन एक्सप्रेस की उस रिपोर्ट के बाद हुई, जिसमें बड़ा दावा किया गया था. रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार उन फैसलों और आदेशों पर आधिकारिक तौर पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी, जो उनकी जानकारी या सिफारिश के बिना जारी किए गए थे.
वोटर रजिस्ट्रेशन और डेटाबेस से जुड़े मुद्दों पर था विरोध
दोनों चुनाव आयुक्तों की आपत्तियां मुख्य रूप से प्रक्रियागत बदलावों और प्रशासनिक फैसलों से जुड़ी थीं. इनमें वोटर रजिस्ट्रेशन फॉर्म 6 में किए गए बदलाव, मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया और वोटर लिस्ट डेटाबेस पर सेंट्रलाइज़्ड कंट्रोल जैसे गंभीर मुद्दे शामिल थे. इन फैसलों पर बिना पूर्व सहमति या सिफारिश के कदम उठाए जाने को लेकर आयोग के भीतर असहमति बनी हुई थी.


