विश्वविद्यालयो में खरीदी में गड़बड़ी, एक दिन में जारी हो रहे दर्जनों वर्कऑर्डर.. चुनिंदा फर्मो से हो रही खरीदी।

स्वतंत्र बोल
रायपुर 04 जनवरी 2026. अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय में फर्नीचर और अन्य खरीदी बड़ा खेल हुआ है। विश्वविद्यालय के तत्कालीन कुलपति और रजिस्ट्रार ने मिलकर हजारो के सामान को लाखो में ख़रीदा है। केंद्र सरकार द्वारा खरीदी में अनियमितता को रोकने बनाये गए नियमो को तिलांजलि देकर विश्वविद्यालय प्रबंधन ने जिम्मेदारों ने जेम पोर्टल के माध्यम से बड़ा खेला किया है। जानकारी अनुसार विश्वविद्यालय द्वारा फर्नीचर और अन्य सामग्री खरीदी करने मनमाने तरीके से कार्यादेश जारी किया गया था।

जाँच टीम ने दस्तावेज जब्त किया-
बिलासपुर के युवाओ द्वारा शिकायत करने पर उच्च शिक्षा संचालनालय द्वारा जाँच टीम गठित की गई थी, जो दिसंबर के पहले सप्ताह में विश्वविद्यालय जाकर जाँच की और खरीदी से संबंधित फाइलें जब्त की थी। बताते है कि खरीदी में ऐसी गड़बड़ी कि खरीदने और वित्तीय स्वीकृति देने वाले का नाम नहीं है। सब जगह सिर्फ रजिस्ट्रार ही लिखा गया है। जब यह खरीदी हुई तब तत्कालीन में शैलेन्द्र दुबे प्रभारी रजिस्ट्रार थे।

एक दिन में 26 वर्कऑर्डर-
विश्वविद्यालय द्वारा अप्रेल 2025 में जेम पोर्टल दद्वारा बिना निविदा प्रक्रिया के करोडो का काम जारी किया गया था। मीडिया रिपोर्ट्स अनुसार एक ही दिन में 26 कार्यादेश विश्वविद्यालय प्रबंधन ने दिया था। जिन फर्मो को काम दिया गया उनमे सागर इंडस्ट्रीज जांजगीर, सिंघानिया इंडस्ट्रीज जांजगीर और ओशन इंटरप्राइजेस जांजगीर को काम दिया गया था। तीनो फर्मो के संचालक एक ही परिवार को बताय जाता है। वीरांगना रमौतीन मॉडल गवर्नमेंट कॉलेज नारायणपुर और मॉडर्न गवर्नमेंट कॉलेज महासमुंद द्वारा भी इन्ही फर्मो से करोडो की खरीदी की गई है।

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