अंदरूनी खबर: मंत्री स्टाफ को वापस बुलाया, तो चिट्ठी दबा गए मंत्री स्टाफ। OSD और निज सहायक की कहानी..

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अंदरूनी खबर
स्वतंत्र बोल 15 अक्टूबर 2026.  सरकार के मंत्रियो की फजीहत उनके स्टाफ करा रहे है। पहली बार विधायक और मंत्री बने माननीयो ने सिस्टम को ऐसा मथा है, उससे सिर्फ एक ही बात निकालता है कमीशन.. दरअसल पहली बार मंत्री बने माननीयो को उनके स्टाफ नियुक्त लोगो ने चकाचौंध, काजू कतली और सूटकेस का ऐसा चस्का लगाया कि वे अब उससे बाहर ही नहीं निकल पा रहे है। संगठन में फेरबदल, उठापटक और कैबिनेट में फेरबदल की खबरों के बीच भी मथने का खेल जारी है। मौजूदा समय में दो मंत्रियो के स्टाफ को विभाग ने वापस बुलाने मंत्री जी को पत्र लिखा है।पढ़ने लिखने वाले विभाग के मंत्री को उस विभाग के प्रमुख अधिकारी ने पत्र लिख वापस करने तत्काल रिलीव करने कहा है। पत्र में ब्यौरा दिया कि उनके विभाग में अधिकारी और कर्मचारियों की कमी है ऐसे में उन्हें तत्काल उनके मूल विभाग में रिलीव करे। विभाग प्रमुख ने जुलाई में पत्र लिखा, जवाब नहीं मिला तो अगस्त में स्मरण पत्र लिख भेजा पर अभी तक स्टाफ की वापसी नहीं हुई है। बताते है कि जिस व्यक्ति को वापस बुलाया जा रहा वही पत्र को दबा दे रहा और मंत्री को चौरफा दबाव बनाया गया कि वह काम का आदमी है, उसे रहने दिया जायेगा। चौरतफा दबाव बनने से मंत्री ने भी विभाग प्रमुख को अपनी मन की बात कह दिया है। कुछ भाई साहब लोगो ने मंत्री और अन्य लोगो से इस अधिकारी की शिकायत किया था।

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अब दूसरे मंत्री स्टाफ की कहानी.. एक विभाग में प्रमोशन में बड़ा झोल हुआ, पैसे लेकर पदोन्नति की गई थी। मामला खुला तो 40 से अधिक पदोन्नति निरस्त कर दोबारा बाबू बना दिया गया। ऐसे में जो बाबू अधिकारी बनकर मंत्री स्टाफ और अन्य महत्वपूर्ण जगहों में जमे है उन्हें वापसी बुलाया जा रहा। विभाग प्रमुख ने प्रमोशन और निरस्ती का पूरा ब्यौरा देते हुए बाबू को विभाग में वापस भेजने संबंधी पत्र लिखा, यहाँ भी उस पत्र को दबा दिया गया। मंत्री को पूरी जानकारी ही नहीं दिया गया और बाबू निज सहायक बनकर काम कर रहे। निज सहायक पहले भी बड़े भाई साहब के दरबार में सेवा कर चुके है, उनके ही निर्देशो पर मंत्री स्टाफ में जगह मिला था, एक बार फिर उन्ही की शरण में है। ऐसे में मंत्रियो को अपनी छवि पर भी ध्यान देना चाहिए, इनके चक्कर में उनका विकेट नहीं गिर जायेगा।

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