स्वतंत्र बोल
भोपाल 5 नवंबर 2026: केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद निर्विरोध निर्वाचित हो गए हैं। नाम वापसी की तय समय-सीमा खत्म होने के बाद निर्वाचन अधिकारी ने उनके निर्वाचन की औपचारिक घोषणा की। हरदीप सिंह पुरी की अनुपस्थिति में मध्य प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने निर्वाचन अधिकारी से जीत का प्रमाण पत्र प्राप्त किया।
दोनों निर्दलीय उम्मीदवारों के पर्चे हुए थे रद्द
हरदीप सिंह पुरी के निर्वाचन की घोषणा से पहले ही चुनाव का रास्ता साफ हो चुका था। 3 नवंबर को जांच के दौरान कांग्रेस समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी राजकुमार लोहानी और एक अन्य निर्दलीय उम्मीदवार कांते सायन्ना के नामांकन पत्र निरस्त कर दिए गए थे। इसके बाद चुनाव मैदान में केवल बीजेपी प्रत्याशी हरदीप सिंह पुरी ही एकमात्र उम्मीदवार बचे थे।
एल मुरुगन के इस्तीफे से खाली हुई थी सीट
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी इससे पहले उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सदस्य थे। अब वह उत्तर प्रदेश की जगह मध्य प्रदेश से राज्यसभा में बीजेपी का प्रतिनिधित्व करेंगे। मध्य प्रदेश में यह सीट केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी, जिसके बाद उप-चुनाव कराया गया।
कांग्रेस ने दर्ज कराई थी कई आपत्तियां
इस चुनाव के दौरान कांग्रेस ने हरदीप सिंह पुरी के नामांकन पत्र पर कई गंभीर सवाल उठाए थे। कांग्रेस की आपत्तियों में नामांकनों में पत्नी का नाम न होना, संपत्ति का ब्यौरा भारतीय रुपये की जगह अमेरिकी डॉलर और स्विस फ्रैंक में देना तथा नोटरी प्रक्रिया की वैधानिकता जैसे मुद्दे शामिल थे। हालांकि, निर्वाचन अधिकारी ने कांग्रेस के सभी आरोपों और आपत्तियों को खारिज करते हुए हरदीप सिंह पुरी का नामांकन पत्र वैध पाया था।
एकल उम्मीदवार रहने पर हुई निर्विरोध घोषणा
3 नवंबर को दोनों निर्दलीय उम्मीदवारों के पर्चे निरस्त होने के बाद ही हरदीप सिंह पुरी की जीत तय मानी जा रही थी। शुक्रवार को नाम वापसी की अंतिम तिथि समाप्त होते ही निर्वाचन अधिकारी ने नियम अनुसार उन्हें निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष को आधिकारिक प्रमाण पत्र सौंप दिया।


