श्रमिक सम्मेलन में बांटे गए सीधे लाभ, मंच से लेकर भोजन तक मजदूरों को मिला खास सम्मान

स्वतंत्र बोल
रायपुर, 08 मई 2026: छत्तीसगढ़ में अब श्रमिकों को सिर्फ मजदूर नहीं, बल्कि विकास की असली ताकत मानकर योजनाएं बनाई जा रही हैं। यही वजह है कि प्रदेशभर में आयोजित श्रमिक सम्मेलनों में हजारों श्रमिकों को सीधे सरकारी योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। बलरामपुर में आयोजित जिला स्तरीय श्रमिक सम्मेलन ने इस बदलाव की तस्वीर साफ कर दी, जहां मंच पर सम्मान से लेकर योजनाओं के सीधे लाभ तक हर व्यवस्था ने लोगों का ध्यान खींचा।

ad

सम्मेलन में सरगुजा सांसद श्री चिंतामणि महाराज ने साफ कहा कि श्रमिकों के बिना विकास की कल्पना भी नहीं की जा सकती। उन्होंने श्रमिकों से अधिक से अधिक पंजीयन कराने की अपील की, ताकि सरकार की योजनाओं का पूरा लाभ उन्हें मिल सके।

youtube

लेकिन कार्यक्रम का सबसे खास दृश्य तब देखने को मिला जब जनप्रतिनिधियों ने खुद श्रमिकों को भोजन परोसकर उनका सम्मान किया। इस आत्मीय व्यवहार ने वहां मौजूद लोगों को भावुक कर दिया और मजदूरों के चेहरे पर अलग ही खुशी दिखाई दी।

सम्मेलन के दौरान विभिन्न विभागीय योजनाओं के तहत 10 हितग्राहियों को सहायता राशि के चेक भी वितरित किए गए। वहीं विभागीय स्टॉल लगाकर श्रम पंजीयन, स्वास्थ्य परीक्षण, मुफ्त दवा वितरण और अन्य योजनाओं की जानकारी दी गई।

सरकार की योजनाओं का असर आंकड़ों में भी दिखाई दे रहा है। वर्ष 2025-26 के दौरान बलरामपुर जिले में मिनीमाता महतारी जतन योजना के तहत 153 महिला श्रमिकों को लाभ मिला। नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना में 456 विद्यार्थियों, नोनी बाबू मेधावी शिक्षा योजना में 182 विद्यार्थियों और नोनी सशक्तिकरण योजना में 112 बेटियों को सहायता दी गई।

इसके अलावा श्रमिक सियान सहायता योजना में 73 श्रमिकों, निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना में 34 मामलों और प्रसूति सहायता योजना में 265 महिला श्रमिकों को सहयोग दिया गया। श्रमिकों के बच्चों को गणवेश, पढ़ाई की सामग्री और छात्रवृत्ति सहायता भी उपलब्ध कराई गई।

प्रदेशभर में चल रहे इन श्रमिक सम्मेलनों का मकसद साफ है—ज्यादा से ज्यादा श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा से जोड़ना और उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाना। अब सरकार की कोशिश है कि योजनाएं सिर्फ कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि सीधे मजदूरों के जीवन में बदलाव लाएं।