स्वतंत्र बोल
डोंगरगढ़, 08 मई 2026: छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ क्षेत्र में अवैध शराब तस्करी का एक और बड़ा नेटवर्क सामने आया है। इस बार पुलिस की कार्रवाई में मोहारा क्षेत्र के मुढिया नाले के किनारे चल रहे ‘छिपे कारोबार’ का खुलासा हुआ, जहां झाड़ियों और सुनसान इलाके में शराब डंप कर सप्लाई का खेल चल रहा था।
यह इलाका सिर्फ धार्मिक पहचान के लिए नहीं, बल्कि अब अवैध गतिविधियों के नेटवर्क को लेकर भी चर्चा में आ गया है।
छापेमारी में मची अफरा-तफरी, कई भागे
सूचना मिलने पर पुलिस और स्पेशल टीम ने इलाके में घेराबंदी की। जैसे ही टीम मौके पर पहुंची, वहां मौजूद संदिग्ध लोग अंधेरे और झाड़ियों का फायदा उठाकर भागने लगे। हालांकि पुलिस ने तेजी दिखाते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
मौके से मध्यप्रदेश निर्मित गोवा व्हिस्की की 9 पेटियां, करीब 81 बल्क लीटर शराब और सप्लाई में इस्तेमाल हो रही ओला ईवी स्कूटी जब्त की गई। जब्त सामग्री की कीमत करीब 1.10 लाख रुपये बताई जा रही है।
पूछताछ में खुला बड़ा नेटवर्क
गिरफ्तार आरोपियों में देवव्रत वर्मा, चुम्मन सिन्हा और महेंद्र वर्मा शामिल हैं। पूछताछ में सामने आया कि शराब को मध्यप्रदेश से लाकर अलग-अलग रास्तों से डोंगरगढ़ क्षेत्र में पहुंचाया जाता था और फिर गांवों में छोटे सप्लायरों के जरिए खपाया जाता था।
पुलिस को आशंका है कि यह सिर्फ एक छोटा हिस्सा है और इसके पीछे एक बड़ा अंतर्राज्यीय नेटवर्क सक्रिय है। मुख्य आरोपी नंदकिशोर वर्मा उर्फ नीतू उर्फ छोटा कट्टी अभी फरार है, जिसके खिलाफ पहले से कई मामले दर्ज हैं।
बॉर्डर से जुड़ा तस्करी का नेटवर्क
डोंगरगढ़ और आसपास का इलाका पिछले कुछ समय से मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र सीमा से जुड़े तस्करी नेटवर्क का प्रमुख कॉरिडोर बनता जा रहा है। सुनसान ग्रामीण रास्तों का फायदा उठाकर तस्कर लगातार अवैध शराब की सप्लाई कर रहे हैं।
इससे पहले भी मुसराखुर्द, बसंतपुर और बॉर्डर इलाकों में बड़ी मात्रा में शराब पकड़ी जा चुकी है।
लगातार कार्रवाई से माफिया में दहशत
पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, सिर्फ एक महीने में जिले में 135 से ज्यादा आबकारी एक्ट के मामले दर्ज हुए हैं और 147 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं पिछले छह महीनों में करीब 880 लीटर अंतर्राज्यीय शराब जब्त की जा चुकी है, जिसकी कीमत लगभग 11 लाख रुपये है।
पुलिस की सख्ती से टूटता नेटवर्क
पुलिस अधीक्षक की “जीरो टॉलरेंस” नीति के बाद अब अवैध शराब कारोबारियों में दहशत देखी जा रही है। पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में इस पूरे नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने के लिए अभियान और तेज किया जाएगा।
डोंगरगढ़ की यह कार्रवाई सिर्फ एक छापेमारी नहीं, बल्कि उस लंबे समय से चल रहे अंडरग्राउंड नेटवर्क का पर्दाफाश है, जो अब पुलिस की पकड़ में तेजी से आ रहा है।


