स्वतंत्र बोल
धमतरी 23 सितंबर 2026 : छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में प्रार्थना और चंगाई सभाओं को लेकर चल रहे विवाद के बीच क्रिश्चियन फोरम ने बड़ा फैसला लिया है। फोरम के मुताबिक, जिले के करीब 40 चर्चों और प्रार्थना सभा स्थलों में गैर-ईसाइयों के प्रवेश पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया है। इसके बाद संबंधित चर्चों के बाहर सूचना बोर्ड लगाए गए हैं। यह कदम प्रार्थना सभाओं को लेकर लगातार हो रहे विरोध और कानून-व्यवस्था से जुड़ी स्थिति के बीच उठाया गया है। हालिया रिपोर्टों में जिला मुख्यालय के आठ चर्चों में ऐसे बोर्ड लगाए जाने की जानकारी सामने आई है।
1500 से ज्यादा आवेदन आने के बाद बढ़ा विवाद
धमतरी में पिछले कुछ समय से प्रार्थना और चंगाई सभाओं को लेकर हिंदू संगठनों की ओर से विरोध किया जा रहा है। इसी बीच प्रशासन के पास प्रार्थना सभाओं में शामिल होने की इच्छा जताते हुए 1500 से ज्यादा आवेदन पहुंचने की बात सामने आई। इन आवेदनों में लोगों ने प्रार्थना सभाओं में शामिल होने की अनुमति मांगी थी। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग से जुड़ी रिपोर्ट के मुताबिक, ये आवेदन धमतरी, नगरी और कुरुद क्षेत्र से आए हैं। उपलब्ध रिपोर्टों में अधिकांश आवेदन अनुसूचित जाति और साहू समाज से जुड़े लोगों के होने की बात कही गई है।
प्रशासन ने बुलाई थी शांति समिति की बैठक
विवाद बढ़ने के बाद 16 सितंबर को धमतरी कलेक्ट्रेट में शांति समिति की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता अपर कलेक्टर इंदिरा सिंह देहारी ने की। इसमें हिंदू संगठनों और ईसाई समाज के प्रतिनिधियों के साथ पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी मौजूद थे। बैठक में प्रार्थना सभाओं, धर्मांतरण के आरोपों और कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, बैठक में ईसाई प्रार्थना सभाओं में हिंदुओं के शामिल होने को लेकर भी निर्णय की बात सामने आई।
चर्चों के बाहर लगाए गए सूचना बोर्ड
बैठक के बाद धमतरी शहर के चर्चों के बाहर प्रवेश से जुड़े सूचना बोर्ड लगाए गए। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, जिला मुख्यालय के आठ चर्चों में ऐसे बोर्ड लगाए गए हैं। इनमें 116 साल पुराने सुंदरगंज मेनोनाइट चर्च का भी नाम शामिल है। चर्चों में लगाए गए बोर्ड में आराधना के लिए प्रवेश को ईसाइयों तक सीमित रखने की बात लिखी गई है। हालांकि, धमतरी जिला क्रिश्चियन फोरम की ओर से कहा गया है कि चर्च में किसी के आने पर पूरी तरह रोक नहीं है। फोरम के पदाधिकारियों ने इसे सुरक्षा और व्यवस्था से जुड़ा कदम बताया है। उपलब्ध रिपोर्टों में धमतरी जिले में 30 पंजीकृत चर्च होने की जानकारी दी गई है। ऐसे में आपके दिए गए करीब 40 चर्चों के आंकड़े और प्रकाशित रिपोर्टों में बताए गए आंकड़े में अंतर है।


