पंचायत अध्यक्ष से सांसद बनीं गोमती साय अब गुजरात सह-प्रभारी: जानिए पूर्व विधायक सौरभ सिंह को क्या मिला

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स्वतंत्र बोल
रायपुर 23 सितंबर 2026 :
भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक स्तर पर नई नियुक्तियां करते हुए छत्तीसगढ़ के दो वरिष्ठ नेताओं को बड़े राज्यों में अहम जिम्मेदारियां सौंपी हैं। पार्टी ने रायपुर से जारी सूची के अनुसार, पत्थलगांव से भाजपा विधायक गोमती साय को गुजरात का सह-प्रभारी नियुक्त किया है। वहीं जांजगीर-चांपा जिले की अकलतरा सीट से पूर्व विधायक सौरभ सिंह को झारखंड के सह-प्रभारी की कमान दी गई है। यह कदम दोनों नेताओं को छत्तीसगढ़ से बाहर पार्टी विस्तार और संगठनात्मक कामकाज में बड़ी भूमिका निभाने का अवसर देता है।

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गुजरात और झारखंड में प्रभारी तथा सह-प्रभारियों की पूरी सूची

भाजपा की ओर से जारी संगठनात्मक नियुक्तियों के तहत गुजरात में तरुण चुघ को प्रभारी बनाया गया है। गुजरात में तरुण चुघ के साथ गोमती साय और अजय महावर को सह-प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है। दूसरी ओर, झारखंड राज्य के लिए गजेंद्र पटेल को प्रभारी नियुक्त किया गया है। झारखंड में गजेंद्र पटेल के साथ छत्तीसगढ़ के पूर्व विधायक सौरभ सिंह और बिहार की निवेदिता सिंह को सह-प्रभारी बनाया गया है।

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पंचायत सदस्य से सांसद और विधायक तक गोमती साय का सफर

गोमती साय छत्तीसगढ़ भाजपा की प्रमुख महिला नेताओं में गिनी जाती हैं। उन्होंने जशपुर में स्थानीय निकाय से लेकर संसद और अब विधानसभा तक का राजनीतिक सफर तय किया है। वे वर्ष 2005 से 2010 तक जशपुर जिला पंचायत सदस्य, 2006 से 2008 तक जशपुर जिला युवा मोर्चा की महामंत्री और 2008 से 2010 तक जशपुर भाजपा मंडल अध्यक्ष रहीं। इसके बाद वे 2010 से 2015 तक फरसाबहार जनपद सदस्य और 2015 से 2019 तक जशपुर जिला पंचायत अध्यक्ष रहीं। वर्ष 2019 से 2023 तक वे रायगढ़ लोकसभा क्षेत्र से सांसद रहीं और 2023 में पत्थलगांव सीट से चुनाव जीतकर विधायक बनीं।

दो बार UPSC इंटरव्यू तक पहुंचे पूर्व विधायक सौरभ सिंह को मिला झारखंड

अकलतरा के पूर्व विधायक सौरभ सिंह ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत बहुजन समाज पार्टी (BSP) से की थी और वर्ष 2008 में वे पहली बार विधायक चुने गए। इसके बाद वे भाजपा में शामिल हुए और वर्ष 2018 में भाजपा के टिकट पर अकलतरा से दूसरी बार चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे। हालांकि वर्ष 2023 के चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। सौरभ सिंह अकादमिक क्षेत्र में भी प्रतिभावान रहे हैं और वर्ष 1998 तथा 1999 में दो बार UPSC सिविल सेवा परीक्षा के साक्षात्कार (इंटरव्यू) चरण तक पहुंचे थे।