स्वतंत्र बोल
दिल्ली, 15 मई 2025 :दिल्ली पुलिस(Delhi police) ने औचंडी गांव से 13 संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है. यह कार्रवाई 13 मई को एक मुखबिर द्वारा दी गई सूचना के आधार पर की गई. इसके बाद, ACP उमेश बर्थवाल के नेतृत्व में इंस्पेक्टर योगेश और विनोद यादव की देखरेख में एक विशेष टीम का गठन किया गया. इस टीम में उप निरीक्षक दिपेन्दर और गुरमीत के साथ अनुभवी हेड कांस्टेबल और महिला कांस्टेबल शामिल किए गए हैं. इन सभी को दिल्ली में अवैध रूप से निवास कर रहे विदेशी नागरिकों को पकड़ने का स्पष्ट निर्देश दिया गया है.
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औचंडी गांव में बिछाया गया जाल
सूचना पूरी तरह से सही थी और योजना भी तैयार थी. टीम ने गांव में स्थानीय लोगों की तरह खुद को ढाल लिया; कुछ सदस्य दूधवाले के रूप में आए, जबकि अन्य सब्जी खरीदने के बहाने इधर-उधर घूमते रहे. तभी एक घर के पास कुछ लोगों को भारी सामान के साथ चुपचाप अंदर जाते हुए देखा गया. टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए छापा मारा और वहां से 13 बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया. पूछताछ के दौरान जो तथ्य सामने आए, उन्होंने सभी को चौंका दिया.
सीमा पार की एक फिल्मी कहानी
इन सभी व्यक्तियों का संबंध बांग्लादेश के खुशनगर गांव, खुड़ीग्राम जिले से था. पूछताछ के दौरान उन्होंने बताया कि वे दो वर्ष पूर्व जलील अहमद नामक एक एजेंट की सहायता से अवैध रूप से भारत में प्रवेश किए. रात के अंधेरे में बिना बाड़ वाली सीमा के माध्यम से खेतों के रास्ते वे भारत में दाखिल हुए और कूचबिहार स्टेशन से ट्रेन लेकर दिल्ली पहुंचे.
दिल्ली पहुंचने के बाद, वे हरियाणा के खरखौदा में स्थित गांव सिसाना में एक ईंट भट्ठे पर काम करने लगे. समय के साथ, उन्होंने अपने परिवार के सदस्यों को भी बुला लिया. इस दौरान, वे बिना किसी वैध दस्तावेज़ के भारत में रह रहे थे, लेकिन उनकी स्थिति के बारे में किसी को भी जानकारी नहीं हुई.
दिल्ली पुलिस द्वारा पकड़े गए लोगों नाम हैं:
मोहम्मद रफिकुल, खोतेज़ा बेगम, अनोवार हुसैन, अमीनुल इस्लाम, जोरिना बेगम, अफरोजा खातून, खाखोन और हसना के नाम उल्लेखनीय हैं. इन व्यक्तियों का योगदान विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण रहा है.
पुलिस ने शुरू की कानूनी प्रक्रिया
अब इन सभी के खिलाफ विदेशी नागरिक अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू हो चुकी है, और उन्हें उनके देश वापस भेजने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है. इसके साथ ही, जलील अहमद जैसे एजेंटों के खिलाफ भी जानकारी एकत्र की जा रही है ताकि इस पूरे नेटवर्क को तोड़ने में सफलता मिल सके.
