स्वतंत्र बोल
बिलासपुर, 07 मई 2026: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में समर वेकेशन से पहले न्यायिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। गुरुवार 7 मई से नया रोस्टर लागू हो गया है, जिसके तहत मामलों की सुनवाई की पूरी संरचना बदल दी गई है।
नई व्यवस्था के अनुसार अब अदालत में चार डिवीजन बेंच और 14 सिंगल बेंच नियमित मामलों की सुनवाई करेंगी। इस बदलाव के बाद केस लिस्टिंग और सुनवाई प्रक्रिया पहले से अधिक व्यवस्थित और वर्गीकृत हो जाएगी।
नए रोस्टर के तहत मुख्य न्यायाधीश Ramesh Sinha और जस्टिस रविंद्र अग्रवाल की पहली डिवीजन बेंच जनहित याचिकाओं, हेबियस कॉर्पस, रिट अपील और विशेष मामलों की सुनवाई करेगी।
वहीं दूसरी डिवीजन बेंच में जस्टिस संजय के. अग्रवाल और जस्टिस संजय जायसवाल आपराधिक मामलों और संवैधानिक (अल्ट्रा वायर्स) मामलों की सुनवाई करेंगे।
तीसरी डिवीजन बेंच कैदी अपीलों से जुड़े मामलों पर काम करेगी, जबकि चौथी बेंच में वैवाहिक अपील, टैक्स और सेवा संबंधी मामलों की सुनवाई होगी।
इसके अलावा मुख्य न्यायाधीश की विशेष बेंच के साथ 14 सिंगल बेंच भी सक्रिय रहेंगी, जो अलग-अलग श्रेणियों के मामलों को सुनेंगी।
इस बदलाव को न्यायिक प्रक्रिया को तेज और व्यवस्थित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, खासकर उन मामलों में जहां लंबे समय से सुनवाई लंबित थी।


