धान है पर धन नहीं! दीवाली से पहले खरीदी न होने पर कांग्रेस ने सरकार को क्यों घेरा? जानिए पूरा मामला

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स्वतंत्र बोल
रायपुर 24 अक्टूबर 2026:
छत्तीसगढ़ के धान किसानों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में राज्य सरकार ने धान खरीदी की तारीखों का ऐलान कर दिया है। सरकार इस बार 15 नवंबर 2026 से धान की खरीदी शुरू करेगी, जो 31 जनवरी 2027 तक चलेगी। राज्य सरकार ने इस साल 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का अनुमानित लक्ष्य निर्धारित किया है। हालांकि, खरीदी की शुरुआत 15 नवंबर से होने के कारण राजनीतिक गलियारों में गरमागरम बहस छिड़ गई है।

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कांग्रेस ने बोला हमला, दीवाली से पहले खरीदी की मांग

राज्य सरकार के इस फैसले पर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने कड़ा विरोध जताया है। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने मांग की थी कि सरकार या तो दीवाली से पहले धान खरीदी शुरू करे या फिर किसानों को अग्रिम भुगतान की सुविधा दे। कांग्रेस संचार विभाग के पूर्व प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने इस फैसले को किसान विरोधी करार दिया। उन्होंने तर्क दिया कि इस साल दीवाली 8 नवंबर को है, ऐसे में 15 नवंबर से खरीदी शुरू होने के कारण किसानों के पास त्योहार मनाने के लिए पैसे नहीं होंगे।

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‘बिचौलियों और कोचियों को फसल बेचने की मजबूरी’ का आरोप

कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि किसानों के घरों में उस वक्त धान तो होगा, लेकिन हाथ में धन (पैसे) नहीं होगा। ऐसे में किसानों को मजबूरन या तो अपने बच्चों के साथ मायूस रहना पड़ेगा या फिर अपनी फसल बिचौलियों और कोचियों को औने-पौने दामों पर बेचनी पड़ेगी। कांग्रेस का कहना है कि समय पर भुगतान और खरीदी न होने से किसानों का आर्थिक शोषण बढ़ सकता है।

सीएम विष्णु देव साय का पलटवार

कांग्रेस के इन तीखे हमलों और बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर तीखा पलटवार किया। सीएम साय ने सवालिया लहजे में कहा कि उन्हें (विपक्ष को) इस तरह के सवाल पूछने का क्या अधिकार है। सरकार किसानों के हित में लगातार फैसले ले रही है और तय समयसीमा के भीतर पारदर्शी तरीके से धान खरीदी का पूरा अभियान चलाया जाएगा।