छत्तीसगढ़ बोर्ड ने जारी किए नतीजे, बेटियों ने फिर मारी बाजी, ऐसे देखें अपना स्कोरकार्ड


छत्तीसगढ़ में हजारों छात्रों का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया, लेकिन रिजल्ट के साथ ही कई घरों में खुशी और बेचैनी का माहौल भी देखने को मिल रहा है। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने 10वीं और 12वीं के नतीजे जारी कर दिए हैं, जिनमें इस बार के आंकड़ों ने सबको चौंका दिया है।

इस साल 10वीं की परीक्षाएं 21 फरवरी से 13 मार्च 2026 तक आयोजित हुई थीं, जबकि 12वीं की परीक्षाएं 20 फरवरी से 18 मार्च के बीच संपन्न हुईं। अब छात्र अपना रिजल्ट आधिकारिक वेबसाइट cgbse.nic.in समेत अन्य पोर्टल्स पर जाकर देख सकते हैं।

अगर पास प्रतिशत की बात करें तो 10वीं में इस बार 77.15 प्रतिशत छात्र सफल हुए हैं, जो पिछले साल के मुकाबले करीब 5 प्रतिशत ज्यादा है। वहीं 12वीं का रिजल्ट और भी बेहतर रहा, जहां 83.04 प्रतिशत छात्रों ने सफलता हासिल की। इन आंकड़ों में सबसे खास बात यह रही कि इस बार भी लड़कियों ने बाजी मार ली। 10वीं में जहां 72 प्रतिशत लड़के पास हुए, वहीं 81 प्रतिशत लड़कियों ने सफलता पाई। 12वीं में भी बेटियां आगे रहीं, जहां उनका पास प्रतिशत 86.4 रहा, जबकि लड़कों का 78.8 प्रतिशत दर्ज किया गया।

टॉपर्स की सूची में भी छात्रों ने शानदार प्रदर्शन किया है। 10वीं में संध्या नायक ने 594 अंक हासिल कर पूरे राज्य में पहला स्थान प्राप्त किया, जबकि 12वीं में रिया साहू ने टॉप कर सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।

हालांकि रिजल्ट देखने के बाद छात्रों को एक जरूरी सावधानी भी बरतनी होगी। मार्कशीट डाउनलोड करते ही उसमें दी गई सभी जानकारी जैसे नाम, पिता का नाम, जन्मतिथि, रोल नंबर और विषयवार अंक ध्यान से जांच लें। क्योंकि एक छोटी सी गलती आगे चलकर कॉलेज एडमिशन या दस्तावेज सत्यापन के दौरान बड़ी परेशानी बन सकती है।

रिजल्ट देखने के लिए छात्र cgbse.nic.in, results.cg.nic.in और cg.results.nic.in वेबसाइट पर जा सकते हैं। यहां ‘Results’ सेक्शन में जाकर अपना रोल नंबर और जन्मतिथि दर्ज करने के बाद स्कोरकार्ड स्क्रीन पर देखा जा सकता है।

अगर वेबसाइट पर अधिक ट्रैफिक के कारण दिक्कत हो रही है, तो DigiLocker के जरिए डिजिटल मार्कशीट देखी जा सकती है, जो पूरी तरह मान्य होती है। इसके अलावा कई बार SMS के जरिए भी रिजल्ट देखने की सुविधा दी जाती है, जिससे इंटरनेट न होने पर भी जानकारी हासिल की जा सकती है।

रिजल्ट के इन आंकड़ों ने जहां कई छात्रों के सपनों को नई उड़ान दी है, वहीं कुछ के लिए यह चेतावनी भी बनकर सामने आया है कि आगे की राह और भी चुनौतीपूर्ण हो सकती है।