स्वतंत्र बोल
रायपुर 30 सितम्बर 2026: छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए 45 चिकित्सकों की नियुक्ति की गई है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत नियुक्त इन डॉक्टरों की पदस्थापना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सिविल अस्पताल और जिला अस्पताल स्तर की फर्स्ट रेफरल यूनिट यानी FRU में की गई है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के निर्देशन और मार्गदर्शन में हुई इन नियुक्तियों का उद्देश्य स्वास्थ्य संस्थानों में चिकित्सकीय मानव संसाधन को मजबूत करना और मरीजों को नजदीक जरूरी इलाज उपलब्ध कराना है।
FRU स्तर पर बढ़ेगी इलाज की क्षमता
45 चिकित्सकों की पदस्थापना से FRU स्तर की स्वास्थ्य संस्थाओं की सेवा क्षमता बढ़ेगी। डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ने से मरीजों को स्थानीय स्तर पर चिकित्सकीय परामर्श और उपचार की सुविधा मिल सकेगी।
गंभीर और आपातकालीन मामलों में समय पर चिकित्सकीय आकलन और जरूरी उपचार में भी मदद मिलेगी। जरूरत पड़ने पर मरीज को आगे के इलाज के लिए उचित स्वास्थ्य संस्थान में रेफर करने की व्यवस्था भी मजबूत होगी।
मातृ-शिशु और इमरजेंसी सेवाओं को मदद
फर्स्ट रेफरल यूनिट स्वास्थ्य व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। यहां स्थानीय स्तर पर जरूरी चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ गंभीर मरीजों को उच्च स्तरीय स्वास्थ्य संस्थानों तक रेफर किया जाता है।
डॉक्टरों की उपलब्धता से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के साथ आपातकालीन चिकित्सा और रेफरल सेवाओं को प्रभावी ढंग से संचालित करने में मदद मिलेगी।
ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में पहुंचेगा फायदा
इन नियुक्तियों का लाभ खास तौर पर ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने में मिलेगा। स्थानीय स्वास्थ्य संस्थानों में डॉक्टर उपलब्ध होने से मरीजों को जरूरी चिकित्सा सेवाओं के लिए अनावश्यक रूप से दूर जाने की जरूरत कम होगी।
जरूरत पड़ने पर मरीजों को समय पर उच्च स्तरीय उपचार तक पहुंचाने की व्यवस्था भी अधिक प्रभावी होगी।
स्वास्थ्य संस्थानों में मानव संसाधन मजबूत करने पर जोर
स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है। 45 चिकित्सकों की नियुक्ति इसी दिशा में की गई है। इससे प्रदेश में FRU स्तर की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और मरीजों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने की व्यवस्था को मजबूती मिलने की बात कही गई है।


