स्वतंत्र बोल
कोलकाता,02 मई 2026: पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच दक्षिण 24 परगना जिले के फाल्टा और हसीमनगर इलाके में अचानक हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। कथित धमकियों और हिंसा के आरोपों के बाद ग्रामीण सड़कों पर उतर आए हैं, जिससे इलाके में बवाल की स्थिति बन गई है।
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जानकारी के अनुसार, मगराहाट पश्चिम और डायमंड हार्बर विधानसभा सीटों पर री-पोलिंग के दौरान फाल्टा क्षेत्र में विवाद भड़क गया। स्थानीय लोगों ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) से जुड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं पर डराने-धमकाने और हिंसा की धमकी देने के आरोप लगाए हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि एक स्थानीय TMC नेता ने उन्हें जान से मारने और गंगा में फेंकने जैसी गंभीर धमकियां दीं। इस बयान के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में लोग विरोध प्रदर्शन के लिए सड़कों पर उतर आए।
महिलाओं ने भी खुलकर आरोप लगाए हैं कि वे किसी भी राजनीतिक दल से जुड़ी नहीं हैं, लेकिन सिर्फ हिंदू होने के कारण उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। उनका कहना है कि उन्हें इस शक के आधार पर धमकाया जा रहा है कि उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को वोट दिया है।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि स्थानीय स्तर पर मारपीट और दबाव बनाने की घटनाएं भी सामने आई हैं। लोगों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर सुरक्षा देने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए इलाके में केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है। CRPF और RAF (रैपिड एक्शन फोर्स) के जवान लगातार फ्लैग मार्च कर रहे हैं। फाल्टा क्षेत्र में एक बख्तरबंद वाहन भी तैनात किया गया है, जिससे हालात पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
इधर, चुनावी माहौल के बीच एक और बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। सुप्रीम कोर्ट ने TMC की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें मतगणना के दौरान केंद्रीय कर्मचारियों की तैनाती के चुनाव आयोग के फैसले को चुनौती दी गई थी।
फिलहाल प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। हालांकि, इलाके में तनाव अभी भी बना हुआ है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
