“त्याग की अपील या नाकामी का सबूत?” पीएम मोदी के बयान पर राहुल गांधी का तीखा हमला, देश की अर्थव्यवस्था पर छिड़ी बड़ी राजनीतिक जंग

नई दिल्ली। वैश्विक स्तर पर मध्य पूर्व में चल रहे तनाव और खाड़ी देशों से तेल-गैस सप्लाई प्रभावित होने के बीच भारत में पेट्रोलियम संकट को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनता से संयम बरतने की अपील के बाद अब विपक्ष ने सरकार पर सीधा हमला बोला है।

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प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में कहा था कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण देश में तेल और गैस की कीमतों और उपलब्धता पर असर पड़ सकता है। ऐसे में उन्होंने नागरिकों से अपील की थी कि वे अनावश्यक पेट्रोल-डीजल खर्च कम करें, सोने की खरीद टालें, विदेश यात्राओं से बचें और वर्क फ्रॉम होम जैसे विकल्प अपनाएं।

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पीएम मोदी ने यह भी कहा था कि पहले युद्ध के समय लोग सोना दान करते थे, उसी तरह आज देश को आर्थिक संतुलन बनाए रखने के लिए संयम की जरूरत है। उन्होंने मेट्रो और सार्वजनिक परिवहन के अधिक उपयोग की भी सलाह दी थी।

लेकिन प्रधानमंत्री की इस अपील पर विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कड़ा रुख अपनाया है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे सीधे तौर पर सरकार की नाकामी करार दिया।

राहुल गांधी ने लिखा कि “सोना मत खरीदो, विदेश मत जाओ, पेट्रोल-डीजल कम जलाओ, घर से काम करो—यह कोई उपदेश नहीं, बल्कि नाकामी के सबूत हैं।” उन्होंने आरोप लगाया कि 12 वर्षों में देश को ऐसी स्थिति में पहुंचा दिया गया है, जहां जनता को बताया जा रहा है कि क्या खरीदना है और क्या नहीं।

उन्होंने आगे कहा कि सरकार हर बार जिम्मेदारी जनता पर डाल देती है और खुद जवाबदेही से बच जाती है। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री को “Compromised PM” तक कहकर निशाना साधा और कहा कि देश चलाना अब मौजूदा नेतृत्व के बस की बात नहीं रही।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री की यह अपील तेलंगाना दौरे के दौरान हैदराबाद में भाजपा रैली में दी गई थी, जहां उन्होंने अंतरराष्ट्रीय संकट का असर भारत पर पड़ने की बात कही थी।

इस पूरे मामले ने अब राजनीतिक टकराव का रूप ले लिया है, जहां एक ओर सरकार आर्थिक संयम की बात कर रही है, वहीं विपक्ष इसे प्रशासनिक विफलता के तौर पर पेश कर रहा है।