स्वतंत्र बोल
रायपुर 02 मई 2026. राजधानी के बाल संप्रेषण गृह में बच्चे सुरक्षित नहीं है। बीते दिनों एक किशोर का पैर टूट गया, जिम्मेदार मामले की लीपापोती में जुटे रहे। अब संप्रेषण गृह की अधीक्षिका और परिवीक्षा अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी हुआ है। जानकारी अनुसार संप्रेषण गृह में 24-25 अप्रैल को युवक को आम तोड़ने पेड़ पर चढ़ा दिया गया, युवाल पेड़ से गिरा तो दाहिने पैर की हड्डी फ्रैक्चर हो गई। पैरो में सूजन और दर्द कराहते को युवक आनन् फानन में संस्था में मौजूद पैरा मेडिकल स्टाफ हेमसागर और अन्य उसे पंडरी के जिला अस्पताल ले गए, जहा एक्सरे के बाद पैरो में प्लास्टर चढ़ा दिया गया। युवक धमतरी का रहवासी है जो मारपीट के किसी मामले में संप्रेषण गृह में पांच छह महीनो से है।
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जिम्मेदार छिपाते रहे-
बताते है कि युवक को पेड़ पर आम तोड़ने संस्था की अधीक्षिका रीता चौधरी और परिवीक्षा अधिकारी (संविदा) मनीष सोनी ने चढ़ाया था, बाद में युवक पेड़ से गिरा तो हड़कंप मचा गया। जिम्मेदार सप्ताह भर लीपापोती में जुटे रहे। संस्था के जिम्मेदार और पैरा मेडिकल स्टाफ पैर टूटते की बातो को नकार रहे पर पैरो में प्लास्टर लगाना स्वीकार किया है। इस घटना ने संप्रेषण गृह की स्थिति और अव्यवस्था को उजागर किया है, अगर किशोर की मौत हो जाती तो जिम्मेदार कौन होता ?
प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी शैल ठाकुर ने स्वतंत्र बोल से कहा कि
“अधीक्षिका चौधरी ने युवक को आम तोड़ने पेड़ पर चढ़ाया था, युवक ईलाज के बाद स्वस्थ्य है। अधीक्षिका रीता चौधरी और परिवीक्षा अधिकारी (संविदा) मनीष सोनी को नोटिस जारी कर सोमवार तक जवाब मांगा गया है। उनके जवाब के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी।”
बाल संप्रेषण गृह में बच्चे का पैर टूटा, आम तोड़ने पेड़ में चढ़ा था किशोर !
