स्वामी आत्मानंद स्कूल में बांटी गईं किताबें देखकर क्यों चौंके माता-पिता? प्रिंसिपल पर क्यों हुई कार्रवाई?

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स्वतंत्र बोल
रायपुर 30 अक्टूबर 2026:
छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां बच्चों से बलात्कार के मामले में सजा काट रहे आसाराम से जुड़ी किताबें स्कूली बच्चों को बांटी गई थीं। मामला सामने आने के बाद और अभिभावकों के कड़े विरोध के चलते सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल को उनके पद से हटा दिया गया है।

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स्वामी आत्मानंद स्कूल का मामला

यह पूरा मामला बलरामपुर जिले के रघुनाथपुर गांव में स्थित स्वामी आत्मानंद सरकारी अंग्रेजी माध्यम स्कूल से जुड़ा है। अभिभावकों के मुताबिक, बच्चों को 26 अक्टूबर को आसाराम से जुड़ी किताबें बांटी गई थीं। बताया जा रहा है कि स्कूल में आसाराम के अनुयायी पहुंचे थे और उन्होंने छात्रों को ‘संस्कार सरिता’, ‘व्रत नियम’ और ‘वसुधैव कुटुंबकम’ जैसी किताबें दी थीं।

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अभिभावकों ने जताया कड़ा विरोध

जब बच्चे ये किताबें लेकर अपने घर पहुंचे, तो माता-पिता ने उन्हें देखकर हैरानी जताई। इसके बाद अभिभावकों ने तुरंत इसकी शिकायत शिक्षा विभाग में जाकर की। मीडिया से बात करते हुए अभिभावकों ने बताया कि ये किताबें आसाराम और उसके अनुयायियों के बारे में जानकारी देती हैं। उनका कहना था कि जो व्यक्ति गंभीर अपराधों में लिप्त होकर जेल में बंद है, उससे जुड़ी कोई भी सामग्री स्कूलों में नहीं बांटी जानी चाहिए। अभिभावकों ने इसका कड़ा विरोध करते हुए स्कूल के प्रिंसिपल पर सख्त कार्रवाई की मांग की।

शिक्षा विभाग ने दिए जांच के आदेश

मामला तूल पकड़ने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) नरेंद्र निरापुरे ने ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को जांच के आदेश दिए और जल्द से जल्द रिपोर्ट सौंपने को कहा। शुरुआती जांच में मामले के तथ्य सही पाए जाने के बाद स्कूल के प्रिंसिपल महेश प्रजापति को उनके पद से हटा दिया गया है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मामले में आगे की जांच अभी जारी है।