स्वतंत्र बोल
बिलासपुर 30 अक्टूबर 2026: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने अंबिकापुर के राजमाता श्रीमती देवेंद्र कुमारी सिंहदेव शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती रद्द करने के फैसले को निरस्त कर दिया है। कोर्ट ने इसे मनमाना माना है। जस्टिस बिभू दत्ता गुरु की एकलपीठ ने राज्य शासन और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि 20 जुलाई 2022 के भर्ती विज्ञापन और बाद में जारी संशोधित विज्ञापन के आधार पर प्रक्रिया उसी चरण से दोबारा शुरू की जाए। भर्ती प्रक्रिया आदेश की प्रति मिलने के तीन महीने के भीतर पूरी करनी होगी।
मेरिट सूची बनने और दस्तावेज सत्यापन के बाद रद्द हुई थी भर्ती
भर्ती प्रक्रिया रद्द करने के फैसले को आदित्य सैनी, युवराज लिंगम, टिकेश्वर राम, सुभद्रा पैंकरा, खेल साय, गौरव गोंड, दिलेश्वर राम, सोनम सिदार, प्रमोद जायसवाल और वृंदावती ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता पवन श्रीवास्तव ने कोर्ट को बताया कि भर्ती का विज्ञापन जारी होने के बाद चयन प्रक्रिया काफी आगे बढ़ चुकी थी।
उनके अनुसार, मेरिट सूची तैयार कर ली गई थी और अभ्यर्थियों को 23 अगस्त 2023 को दस्तावेज सत्यापन के लिए बुलाया गया था। इसके बावजूद 23 अप्रैल 2025 को हुई सामान्य सभा की बैठक में भर्ती प्रक्रिया रद्द कर नए सिरे से भर्ती कराने का फैसला लिया गया।
448 पदों के लिए मिले थे 55,335 आवेदन
याचिकाकर्ताओं की ओर से बताया गया कि भर्ती रद्द करने के पीछे बड़ी संख्या में आवेदन मिलने और प्रक्रिया पूरी करने में अधिक समय लगने का तर्क दिया गया था।
महाविद्यालय के डीन ने 19 जून 2025 को चिकित्सा शिक्षा आयुक्त को भेजे पत्र में बताया था कि विज्ञापित 448 पदों के लिए कुल 55,335 आवेदन मिले थे। इनमें तृतीय श्रेणी के 63 पदों के लिए 10,374 आवेदन और चतुर्थ श्रेणी के 385 पदों के लिए 44,961 आवेदन प्राप्त हुए थे।
पुराने विज्ञापन के आधार पर पूरी होगी प्रक्रिया
हाईकोर्ट ने भर्ती रद्द करने के फैसले को निरस्त करते हुए राज्य शासन और संबंधित अधिकारियों को पुराने भर्ती विज्ञापन तथा संशोधित विज्ञापन के आधार पर प्रक्रिया दोबारा शुरू करने का निर्देश दिया है। प्रक्रिया उसी चरण से आगे बढ़ाई जाएगी, जहां तक वह पहले पहुंची थी। कोर्ट ने आदेश की प्रति मिलने के तीन महीने के भीतर भर्ती प्रक्रिया पूरी करने को कहा है।


