किसान सम्मान निधि की जानकारी मांगने पर भड़का अधिकारी, पत्रकार और वकील पर टूट पड़ा—वायरल वीडियो ने खोली सिस्टम की सच्चाई

स्वतंत्र बोल
सारंगढ़-बिलाईगढ़ 18 अप्रैल 2026:
जिले के कृषि विभाग कार्यालय से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने सरकारी दफ्तरों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एक कृषि अधिकारी ने मामूली सवाल पूछने पर अपना आपा खो दिया और पत्रकार के साथ बेरहमी से मारपीट कर दी। इतना ही नहीं, बीच-बचाव करने आए वकील को भी नहीं बख्शा गया। पूरी घटना दफ्तर में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो अब तेजी से वायरल हो रहा है।


सवाल पूछना बना ‘गुनाह’, टूट पड़ा गुस्सा
मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का है। आरोप है कि पत्रकार पोषराम साहू किसान सम्मान निधि की राशि से जुड़ी समस्या की जानकारी लेने कृषि कार्यालय पहुंचे थे। जब उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो उन्होंने उच्च अधिकारियों से शिकायत करने की बात कही। बस, यही बात ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी (REO) प्रवीण पटेल को नागवार गुजर गई।

देखते ही देखते माहौल बदल गया और अधिकारी ने पत्रकार का कॉलर पकड़कर उस पर मुक्कों की बरसात कर दी। दफ्तर के अंदर चीख-पुकार मच गई और वहां मौजूद लोग सहम गए।


बचाने आए वकील भी बने शिकार
घटना के दौरान पत्रकार के साथ मौजूद वकील जनक बरेठ ने जब बीच-बचाव की कोशिश की, तो अधिकारी का गुस्सा उन पर भी टूट पड़ा। आरोप है कि उनके साथ भी धक्का-मुक्की और मारपीट की गई। यह सब कुछ उस वक्त हुआ जब जिला कृषि अधिकारी आशुतोष श्रीवास्तव भी मौके पर मौजूद थे।


आवेदन देने गए थे, मिला ‘खौफनाक अनुभव’
जानकारी के मुताबिक, 16 अप्रैल को वकील जनक बरेठ अपनी माता की किसान सम्मान निधि से जुड़ी समस्या के समाधान के लिए आवेदन देने पहुंचे थे। जिला कृषि अधिकारी ने उन्हें संबंधित कर्मचारी प्रवीण पटेल के पास भेजा था, लेकिन वहां जो हुआ, उसने पूरे मामले को हिंसक मोड़ दे दिया।


CCTV फुटेज से मचा हड़कंप, जांच शुरू
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू में किया। पीड़ित पत्रकार और वकील ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

वायरल हो रहा CCTV फुटेज अब इस पूरे मामले की सबसे बड़ी गवाही बन गया है, जिसने दफ्तर के अंदर की हकीकत को सबके सामने ला दिया है। अब सवाल यह है कि क्या आरोपियों पर सख्त कार्रवाई होगी, या यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।