स्वतंत्र बोल
रायपुर 25 अप्रैल 2026: छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक अलग ही संदेश सामने आया है, जहां आमतौर पर नेताओं के स्वागत में भीड़ और बड़े-बड़े पोस्टर देखने को मिलते हैं, वहीं अमित जोगी ने इससे बिल्कुल उलट कदम उठाया है। दिल्ली से रायपुर लौटने से पहले उन्होंने अपने समर्थकों से अपील की है कि वे न तो एयरपोर्ट पहुंचें और न ही उनके स्वागत में किसी प्रकार के पोस्टर, फ्लेक्स या बैनर लगाएं।
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अमित जोगी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि समर्थकों का प्रेम और सहयोग उनके लिए अमूल्य है, लेकिन वे सादगी और शांति के साथ रायपुर आना चाहते हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि कहीं पोस्टर या बैनर लगाए जा चुके हैं, तो उन्हें तुरंत हटा लिया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि वे शाम 5 से 7 बजे के बीच अपने निवास पर सभी से मुलाकात करेंगे।
अपने संदेश में जोगी ने यह भी साफ किया कि वे लंबित न्यायिक प्रकरण को लेकर मीडिया से कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। उन्होंने समर्थकों से आग्रह किया कि यदि वे वास्तव में उनके शुभचिंतक हैं, तो उनकी इस इच्छा का सम्मान करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि उन्हें शोर-शराबा नहीं, बल्कि सादगी और सद्भावना पसंद है।
दरअसल, यह अपील ऐसे समय में आई है जब छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित रामावतार जग्गी हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट से अमित जोगी को बड़ी राहत मिली है। अदालत ने अंतरिम राहत देते हुए सीबीआई, राज्य सरकार और सतीश जग्गी को नोटिस जारी किया है। साथ ही अंतिम फैसला आने तक अमित जोगी के सरेंडर और जेल जाने पर रोक लगा दी है।
इस मामले में अमित जोगी ने दो आदेशों को चुनौती दी थी। पहला, जिसमें सीबीआई को अपील की अनुमति दी गई थी, और दूसरा हाईकोर्ट का वह फैसला जिसमें उन्हें दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। अब दोनों मामलों की सुनवाई एक साथ हो रही है।
ऐसे संवेदनशील समय में जोगी का यह सादा और संयमित रुख कई सवाल भी खड़े कर रहा है कि क्या यह केवल व्यक्तिगत पसंद है या इसके पीछे कोई बड़ी रणनीति छिपी है।
