रात के सन्नाटे में गूंजी गोली… जीजा बना दरिंदा, दो सालियों को बनाया निशाना, घर के अंदर का खौफनाक सच आया सामने

स्वतंत्र बोल
रायपुर,06 मई 2026:
 राजधानी के पंडरी थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया। एक ही घर के भीतर रिश्तों का खून बहा, जब जीजा ने अपनी ही सालियों को निशाना बनाते हुए गोली चला दी। रात के सन्नाटे में गूंजे फायरिंग के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग घरों से बाहर निकल आए।

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मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी जितेंद्र वर्मा, जो पेशे से बाउंसर बताया जा रहा है, ने अपनी साली गीतांजलि वर्मा पर पिस्टल से फायरिंग कर दी। गोली लगते ही वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ी। उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है और उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में इलाज जारी है।

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घटना की सूचना मिलते ही पंडरी थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। बताया जा रहा है कि अपोलो मेडिकल के आसपास स्थित मकान से गोली चलने की आवाज सुनकर लोगों ने पुलिस को जानकारी दी थी। जब पुलिस घर के अंदर पहुंची तो नजारा देखकर सभी सन्न रह गए। एक तरफ घायल महिला पड़ी थी, वहीं दूसरी तरफ आरोपी जितेंद्र वर्मा हाथ में पिस्टल लिए खड़ा मिला।

पुलिस ने बिना देर किए आरोपी को मौके से ही हिरासत में ले लिया और उसके कब्जे से हथियार जब्त कर लिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह खौफनाक वारदात घरेलू विवाद का नतीजा हो सकती है, लेकिन पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है।

घटना के बाद पूरे इलाके में डर का माहौल है। स्थानीय लोग दहशत में हैं और बड़ी संख्या में मौके पर भीड़ जमा हो गई थी। पुलिस ने हालात को काबू में करते हुए लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी से पूछताछ जारी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर उसने इतनी खतरनाक वारदात को अंजाम क्यों दिया। साथ ही, इस्तेमाल की गई पिस्टल लाइसेंसी है या अवैध, इसकी भी जांच की जा रही है।

फिलहाल पुलिस आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज करने की तैयारी कर रही है। घायल महिला के बयान के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि जब रिश्तों में जहर घुलता है, तो उसका अंजाम कितना खौफनाक हो सकता है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी विवाद को हिंसा का रूप देने के बजाय कानून और बातचीत का सहारा लें।