रायपुर। छत्तीसगढ़ मंत्रालय महानदी भवन में बुधवार को उस समय खास माहौल बन गया, जब मुख्य सचिव विकासशील ने अधिकारियों और कर्मचारियों को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया। ई-ऑफिस के जरिए फाइलों के त्वरित निराकरण और कार्यालयीन समय की पाबंदी में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के बाद मंत्रालय में पूरे दिन इसी चर्चा का माहौल बना रहा कि आखिर किन विभागों और कर्मचारियों ने सबसे शानदार प्रदर्शन किया।
मुख्य सचिव विकासशील ने कहा कि ई-ऑफिस व्यवस्था केवल कामकाज को तेज नहीं करती, बल्कि इससे पारदर्शिता भी बढ़ती है और निर्णय लेने की प्रक्रिया अधिक प्रभावी बनती है। उन्होंने समयबद्धता को बेहतर कार्य-संस्कृति की पहचान बताते हुए अन्य अधिकारियों-कर्मचारियों से भी प्रेरणा लेने की अपील की।
ई-ऑफिस के प्रभावी उपयोग में समाज कल्याण विभाग ने पहला स्थान हासिल किया। गृह विभाग दूसरे और परिवहन विभाग तीसरे स्थान पर रहा। इन विभागों के प्रदर्शन ने मंत्रालय के भीतर नई प्रतिस्पर्धा का माहौल तैयार कर दिया है।
व्यक्तिगत श्रेणी में संयुक्त और अपर सचिव वर्ग में भूपेन्द्र कुमार राजपूत ने पहला स्थान प्राप्त किया, जबकि अनुपम त्रिवेदी दूसरे और सचिदानंद आलोक तीसरे स्थान पर रहे। उप सचिव श्रेणी में दूरदेशी राम सोन्टापर ने बाजी मारी। किशोर कुमार भूआर्य दूसरे और रामप्रसाद चौहान तीसरे स्थान पर रहे।
अवर सचिव श्रेणी में अरुण कुमार मिश्रा को पहला, मगनलाल पवार को दूसरा और पूरन लाल साहू को तीसरा स्थान मिला। अनुभाग अधिकारी वर्ग में नंदकुमार मेश्राम प्रथम, भोले नाथ सारथी द्वितीय और पी. नागराजन तृतीय स्थान पर रहे।
सचिवालय सहायक और तकनीकी श्रेणी में भी कई कर्मचारियों ने शानदार प्रदर्शन किया। रेखा देवांगन, दौलत राम वर्मा, प्रमोद कुमार और माया देवांगन को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
वहीं समयबद्धता और उपस्थिति रैंकिंग में कांति सूर्यवंशी ने पहला स्थान हासिल किया। रमाकांत, अराधना साहू समेत कई कर्मचारियों को द्वितीय श्रेणी में रैंकिंग मिली, जबकि मुकेश राम प्रधान, ओमप्रकाश पात्रे, प्रमीला यादव और अन्य कर्मचारियों को तृतीय श्रेणी में स्थान दिया गया।
मंत्रालय में हुए इस सम्मान समारोह को कर्मचारियों के मनोबल बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। कार्यक्रम के बाद कई विभागों में बेहतर प्रदर्शन को लेकर नई रणनीति बनाने की चर्चा भी शुरू हो गई है।


