स्वतंत्र बोल
लखनऊ 5 नवंबर 2026: उत्तर प्रदेश में दिवाली से पहले लाखों सरकारी कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। योगी आदित्यनाथ सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए राज्य कर्मचारियों को 30 दिन का तदर्थ (Ad-hoc) बोनस देने का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। गुरुवार, 5 नवंबर को इस संबंध में शासनादेश जारी किया गया। सरकार के इस फैसले से प्रदेश के करीब 14.82 लाख अराजपत्रित (Non-Gazetted) कर्मचारियों को फायदा मिलने की उम्मीद है।
7 हजार की सीमा, लेकिन अधिकतम बोनस मिलेगा 6,908 रुपये
सरकार ने बोनस की गणना के लिए अधिकतम मासिक परिलब्धियों (Monthly Emoluments) की सीमा 7,000 रुपये तय की है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हर कर्मचारी को पूरे 7,000 रुपये मिलेंगे। बोनस की गणना 30 दिन की परिलब्धियों के आधार पर की जाती है। एक महीने में औसतन 30.4 दिन मानते हुए 30 दिन की गणना करने पर अधिकतम बोनस राशि 6,908 रुपये ही बनती है। कर्मचारी की सेवा अवधि और पात्रता के आधार पर वास्तविक राशि अलग-अलग हो सकती है।
सरकार ने बोनस की गणना के लिए अधिकतम मासिक परिलब्धियों (Monthly Emoluments) की सीमा 7,000 रुपये तय की है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हर कर्मचारी को पूरे 7,000 रुपये मिलेंगे। बोनस की गणना 30 दिन की परिलब्धियों के आधार पर की जाती है। एक महीने में औसतन 30.4 दिन मानते हुए 30 दिन की गणना करने पर अधिकतम बोनस राशि 6,908 रुपये ही बनती है। कर्मचारी की सेवा अवधि और पात्रता के आधार पर वास्तविक राशि अलग-अलग हो सकती है।
25 फीसदी नकद मिलेगा, 75 फीसदी पीएफ में जाएगा
शासनादेश के अनुसार, बोनस की कुल राशि में से 25 फीसदी हिस्सा कर्मचारियों को नकद दिया जाएगा, जबकि शेष 75 फीसदी हिस्सा उनके भविष्य निधि (PF) खाते में जमा किया जाएगा। हालांकि, सेवानिवृत्त हो चुके कर्मचारियों या ऐसे कर्मियों के लिए जो भविष्य निधि के दायरे में नहीं आते, उनके लिए नियमों के अनुसार पूरा नकद भुगतान करने का प्रावधान रखा गया है।
किन कर्मचारियों को मिलेगा इस बोनस का लाभ?
शासनादेश के मुताबिक, यह बोनस पूर्णकालिक अराजपत्रित राज्य कर्मचारियों को मिलेगा। इसके अलावा, राज्य निधि से सहायता प्राप्त शिक्षण व प्राविधिक शिक्षण संस्थानों, स्थानीय निकायों, जिला पंचायतों और सरकारी विभागों के कार्यप्रभारित कर्मचारियों को भी इसमें शामिल किया गया है। वेतन मैट्रिक्स के लेवल-8 तक के पात्र अराजपत्रित कर्मचारी इसके दायरे में आएंगे। वहीं, छह कार्यदिवसीय सप्ताह वाले कार्यालयों में कम से कम तीन वर्षों तक हर साल 240 दिन काम करने वाले दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को अधिकतम 1,184 रुपये तक का बोनस मिलेगा। इसके लिए 31 मार्च 2026 तक एक वर्ष की लगातार सेवा पूरी होना जरूरी है।
अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई वाले मामलों में नियम
सरकार ने उन कर्मचारियों के लिए भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं जिनके खिलाफ जांच चल रही है। जिन कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई या अदालत में आपराधिक मामला लंबित है, उनका बोनस मामला सुलझने तक रोका जाएगा। वहीं, वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान विभागीय कार्रवाई या आपराधिक मुकदमे में दंडित हो चुके कर्मचारियों को बोनस का लाभ नहीं दिया जाएगा।


