स्वतंत्र बोल
रायपुर 31 अक्टूबर 2026: छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के गौरवशाली 26 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 1 से 3 नवंबर 2026 तक नवा रायपुर अटल नगर स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी उद्योग एवं व्यापार परिसर (मेला ग्राउंड) में तीन दिवसीय भव्य ‘राज्योत्सव-2026’ का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, जनसामर्थ्य और उज्ज्वल भविष्य के संकल्प को समर्पित होगा। इस वर्ष राज्योत्सव की मुख्य थीम ‘सशक्त नारी, युवा उड़ान’ रखी गई है, जो महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता और युवाओं के लिए नए आजीविका अवसरों को रेखांकित करती है।
तीन दिवसीय कार्यक्रमों का शेड्यूल और मुख्य अतिथि
तीन दिवसीय इस राज्योत्सव का शुभारंभ 1 नवंबर को होगा। शुभारंभ समारोह के मुख्य अतिथि केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया होंगे। इसके पश्चात, 2 नवंबर को आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका मुख्य आतिथ्य प्रदान करेंगे। वहीं, 3 नवंबर को आयोजित होने वाले भव्य समापन समारोह के मुख्य अतिथि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह होंगे। राजधानी रायपुर के अलावा प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में भी 2 नवंबर को राज्योत्सव के जिला-स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
30 से अधिक विभागों के स्टॉल और मुख्य आकर्षण
राज्योत्सव स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा लगभग 30 और अन्य संस्थानों के 15 सहित कुल 45 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं। इन प्रदर्शनियों के माध्यम से छत्तीसगढ़ के पारंपरिक गहनों, मंदिरों की कलात्मक झलकियों और लोककला का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। आयोजन के मुख्य आकर्षणों में विभागीय विकास प्रदर्शनियां, लोककला एवं शिल्प, देश के जाने-माने कलाकारों की प्रस्तुतियां और भारतीय वायुसेना की प्रसिद्ध ‘सारंग टीम’ का रोमांचक एयर शो शामिल है, जो दर्शकों के लिए मुख्य केंद्र रहेगा।
‘बदलता बस्तर’ और पर्यावरण संरक्षण की विशेष झलक
राज्योत्सव के शिल्पग्राम में छत्तीसगढ़ की पारंपरिक ढोकरा कला (बेलमेटल शिल्प) और सजावटी कलाकृतियों की सुंदर बानगी देखने को मिलेगी। वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा ‘बदलता बस्तर-संवरता छत्तीसगढ़’ थीम पर विशेष प्रदर्शनी लगाई जा रही है। इसमें नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति, बढ़ते पर्यटन, रोजगार के अवसरों के साथ-साथ वन एवं वन्यजीव संरक्षण की पहलों को प्रदर्शित किया जाएगा। प्रदर्शनी में कांगेर घाटी की जंगल सफारी, कोण्डागांव की पुष्पाल घाटी, इंद्रावती टाइगर रिजर्व के मट्टीमरका, सुकमा के तुंगल डैम, धुड़मारास के धुरवा होमस्टे और देवगुड़ियों के संरक्षण को सुंदर मॉडलों के जरिए दर्शाया गया है।
इसके अलावा, बारनवापारा में दशकों बाद काले हिरण की वापसी, औरापानी में गिद्ध संरक्षण और छत्तीसगढ़ के पहले रामसर स्थल कोपरा जलाशय के संरक्षण को भी प्रमुखता से स्थान मिला है। दर्शकों को प्रदेश के राजकीय पशु वन भैंसा, राजकीय वृक्ष साल, राजकीय पक्षी पहाड़ी मैना और राजकीय तितली ‘ऑरेंज ओकलीफ’ से जुड़ी रोचक जानकारियां भी प्राप्त होंगी।


