स्वतंत्र बोल
नई दिल्ली 31 अक्टूबर 2026: 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पुलिस और सुरक्षा बलों के 490 कर्मियों को ‘केंद्रीय गृह मंत्री दक्षता पदक’ देने की घोषणा की है। यह सम्मान विशेष अभियान, आतंकवाद से जुड़ी जांच और फॉरेंसिक विज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को चुना गया है। इस पुरस्कार का मुख्य उद्देश्य पुलिसकर्मियों के पेशेवर कौशल को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ उनका मनोबल बढ़ाना है।
किस श्रेणी में किसे मिला कितना सम्मान?
केंद्रीय गृह मंत्रालय के अनुसार, सम्मानित होने वाले सभी कर्मी विभिन्न राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) और केंद्रीय पुलिस संगठनों में कार्यरत हैं।
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विशेष अभियान: कुल 490 पदक विजेताओं में से 358 कर्मियों को वर्ष 2024 और 2026 के दौरान चलाए गए विशेष अभियानों में असाधारण योगदान के लिए चुना गया है।
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अपराध जांच: जांच के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए 123 कर्मियों को सम्मानित किया गया है।
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फॉरेंसिक विज्ञान: वैज्ञानिक साक्ष्यों के विश्लेषण और फॉरेंसिक काम के लिए 9 कर्मियों को इस पदक के लिए चुना गया है।
पहलगाम हमले की जांच करने वाले आईपीएस संदीप चौधरी भी सम्मानित
जांच श्रेणी में आईपीएस अधिकारी संदीप चौधरी को भी केंद्रीय गृह मंत्री दक्षता पदक से नवाजा गया है। उन्होंने पहलगाम आतंकवादी हमले की जांच का नेतृत्व किया था। इस श्रेणी में सम्मानित अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों के योगदान को अपराधों की निष्पक्ष जांच, मजबूत साक्ष्य जुटाने और सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील मामलों के पेशेवर निपटारे के संदर्भ में देखा गया है।
CRPF के सबसे ज्यादा 114 कर्मियों को पदक
सुरक्षा बलों और संगठनों की बात करें तो पदक पाने वालों में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) का दबदबा रहा। CRPF के सबसे अधिक 114 कर्मी इस सूची में शामिल हैं। इसके बाद केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड के 56 और पंजाब पुलिस के 37 कर्मियों को सम्मानित किया गया है। सूची में केंद्रीय सुरक्षा बलों के साथ-साथ राज्य पुलिस और अन्य केंद्रीय संगठनों के कर्मचारियों को भी जगह दी गई है।
कब और क्यों शुरू हुआ था यह पदक?
केंद्रीय गृह मंत्री दक्षता पदक की शुरुआत गृह मंत्रालय द्वारा 1 फरवरी 2024 को एक अधिसूचना जारी करके की गई थी। इसके तहत विशेष अभियान, जांच, असाधारण प्रदर्शन, साहसिक खुफिया सेवा और सेवारत सरकारी वैज्ञानिकों के सराहनीय फॉरेंसिक कार्य को सम्मानित किया जाता है। इसका दायरा मैदानी अभियानों में दिखाई गई बहादुरी से लेकर अपराध से जुड़े वैज्ञानिक साक्ष्यों के सटीक विश्लेषण तक फैला हुआ है।


