चक्रवाती तूफान का असर कमजोर होने के संकेत: छत्तीसगढ़ के किन इलाकों में बरसे बादल और अब आगे क्या रहेगा मौसम?

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स्वतंत्र बोल
रायपुर 30 अक्टूबर 2026:
 चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का असर छत्तीसगढ़ में अब कमजोर पड़ने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, तूफान का बचा हुआ हिस्सा दक्षिण छत्तीसगढ़ और उससे लगे दक्षिण ओडिशा के ऊपर अवदाब के रूप में सक्रिय है। इसके आगे बढ़ने के साथ 30 अक्टूबर की सुबह तक कमजोर होकर कम दबाव के क्षेत्र में बदलने का अनुमान है। हालांकि, शुक्रवार को रायपुर समेत प्रदेश के कई इलाकों में बारिश हो सकती है।

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गुरुवार को अर्नब के असर से प्रदेश के अधिकतर इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। कुछ जगहों पर अच्छी बारिश दर्ज की गई। दुर्ग में अधिकतम तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस और पेंड्रा रोड में न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

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रायपुर में बारिश और गरज-चमक के आसार

मौसम विभाग के मुताबिक, शुक्रवार को रायपुर सहित प्रदेश के अनेक स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। उत्तर छत्तीसगढ़ में एक-दो जगह गरज-चमक के साथ वज्रपात हो सकता है। रायपुर में आसमान सामान्यतः बादलों से ढका रहेगा। शहर में एक-दो बार बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। अधिकतम तापमान 27 डिग्री और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।

सुकमा और कोंटा में 7 सेमी बारिश

मौसम विभाग के वर्षा आंकड़ों के अनुसार, सुकमा, कोंटा, नेरहरपुर और पिथौरा में 7-7 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। तोकापाल, दोरनापाल, बड़ेराजपुर, केशकाल, छिंदगढ़, कांकेर, कुकरेल, बलरामपुर, नगरी, बसना, सरोना, कटेकल्याण, बेलरगांव, राजिम, कुसमी, धमतरी, अमलीपदर, प्रेमनगर, देवभोग, मैनपुर, फरसगांव, गादीरास और बागबाहरा में 5 से 6 सेंटीमीटर बारिश हुई। वहीं, माकड़ी, चारामा, सरायपाली, राजनांदगांव, पलारी, पेंड्रा रोड, मुकडेगा, करपावंड, लोहांडीगुड़ा, गुरुर, नानगुर, पथरिया, रायपुर, धनोरा, बलौदा, अर्जुन्दा, हसौद, छुरा और गरियाबंद में 4 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। कुछ अन्य स्थानों पर इससे कम वर्षा हुई।

उत्तर दिशा में बढ़ रहा अवदाब

मौसम विभाग के अनुसार, अवदाब करीब 18 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर दिशा की ओर बढ़ रहा है। गुरुवार सुबह 8:30 बजे इसका केंद्र जगदलपुर से लगभग 40 किलोमीटर उत्तर-उत्तर-पश्चिम में था। इसके आगे उत्तर दिशा में बढ़ने और 30 अक्टूबर की सुबह तक कमजोर होकर उत्तरी छत्तीसगढ़ तथा उससे लगे उत्तर-पश्चिम ओडिशा के ऊपर कम दबाव के क्षेत्र में बदलने की संभावना है। इसके बाद प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में कमी आ सकती है।