स्वतंत्र बोल
महासमुंद 18 सितम्बर 2026 : छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में सरकारी कर्मचारियों के वेतन भुगतान में बड़ी वित्तीय गड़बड़ी और धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। लोक शिक्षण संचालनालय छत्तीसगढ़ ने कार्रवाई करते हुए शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिरपुर की प्रभारी प्राचार्य उमा ठाकुर और दो सहायक ग्रेड-2 कर्मचारियों नारायण प्रसाद निर्मलकर और अकील मोहम्मद खान को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इन पर नियमों की अनदेखी कर फर्जी ई-बिल तैयार करने और सरकारी राशि को नुकसान पहुंचाने का गंभीर आरोप है।
वेतन और भत्तों में बढ़ोतरी कर निकाला सरकारी पैसा
निलंबन आदेश के अनुसार, आरोपी सहायक ग्रेड-2 नारायण प्रसाद निर्मलकर ने जुलाई 2024 के वास्तविक वेतन और भत्तों में बेतहाशा बढ़ोतरी कर दी। इसके बाद तैयार वेतन देयक के जरिए कोषालय (ट्रेजरी) से राशि का आहरण कर संवितरण कर लिया। इसके अलावा, मई 2025 से जनवरी 2026 तक के नियमित वेतन देयकों में भी मूल वेतन और भत्तों की राशि को ऑनलाइन बिल के जरिए बढ़ा दिया गया और ई-बिल के माध्यम से फर्जी भुगतान हासिल कर लिया गया।
मिलीभगत और सरकारी धन को नुकसान पहुंचाने का आरोप
विभाग के आधिकारिक आदेश में इस पूरी प्रक्रिया को गंभीर फ्रॉड, शासकीय नियमों की खुली उपेक्षा और परस्पर मिलीभगत का मामला माना गया है। जांच में पाया गया कि संगठित तरीके से ऑनलाइन बिल प्रणाली में हेरफेर कर सरकारी खजाने को सीधे तौर पर भारी नुकसान पहुंचाया गया।
छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियमों के तहत हुई कार्रवाई
इसी वित्तीय गड़बड़ी के प्रकरण में प्रभारी प्राचार्य उमा ठाकुर और सहायक ग्रेड-2 अकील मोहम्मद खान की भूमिका सामने आने पर उन्हें भी दोषी पाया गया। दोनों को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान नियमानुसार इन तीनों को जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।


