स्वतंत्र बोल
नई दिल्ली 18 सितम्बर 2026: पश्चिम बंगाल की हाई-प्रोफाइल नंदीग्राम विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव में बड़ा सियासी मोड़ आ गया है। शुक्रवार को ममता बनर्जी ने ऐलान किया कि उनका गुट अब नंदीग्राम सीट से अपना कोई उम्मीदवार नहीं उतारेगा और वह कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान का समर्थन करेगा। यह फैसला ममता गुट की प्रत्याशी संचिता प्रधान डे द्वारा अचानक अपना नामांकन वापस लेने के बाद आया है।
शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात के बाद बदला सियासी समीकरण
इससे पहले ममता गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने नबन्ना में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की थी। इस बैठक के तुरंत बाद उन्होंने अपना पर्चा वापस लेकर सबको चौंका दिया। संचिता के हटने के बाद ही ममता बनर्जी ने आनन-फानन में प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई और नए सियासी कदम की जानकारी दी।
राहुल गांधी का आया फोन, ‘इंडिया’ गठबंधन में एकजुटता का दावा
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ममता बनर्जी ने बताया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को उनसे फोन पर बात की थी। उन्होंने कहा कि उनका यह फैसला ‘इंडिया’ गठबंधन को मजबूत करने के लिए है। ममता ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के ट्वीट का भी हवाला दिया और कहा कि सभी विरोधी दल मिलकर यह चुनाव लड़ेंगे।
चुनाव आयोग और बीजेपी पर साधा निशाना
घटनाक्रम पर कड़ा रुख अपनाते हुए ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग और बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने आज के दिन को लोकतंत्र के इतिहास का ‘काला दिन’ करार दिया। ममता ने कहा कि उनकी पार्टी को हराने के लिए एसआईआर (SIR) का इस्तेमाल हुआ और ईवीएम (EVM) को हाईजैक किया गया। उन्होंने आयोग पर बीजेपी के अहंकार को संतुष्ट करने का आरोप लगाया।
फंड रोके जाने और कार्यकर्ता ओं की गिरफ्तारी के आरोप
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि बंगाल चुनाव के दौरान मतगणना का काम सीआरपीएफ (CRPF) से कराया गया। उन्होंने दावा किया कि 29 साल पुरानी टीएमसी का बैंक खाता फ्रीज कर दिया गया है। पुलिस उनके कार्यकर्ताओं पर बीजेपी में शामिल होने का दबाव बना रही है। लगभग 14 हजार कार्यकर्ता जेल में बंद हैं और उन्हें खुद भी हाउस अरेस्ट रखा गया है।
नंदीग्राम का चुनावी गणित
नंदीग्राम उपचुनाव के लिए ममता बनर्जी गुट ने 13 सितंबर को संचिता प्रधान डे को टिकट दिया था। अब बीजेपी की ओर से हसीरानी रथ मैदान में हैं, जो शुभेंदु अधिकारी के पूर्व निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की मां हैं। इसके अलावा ऋतब्रत गुट से मोहम्मद एतेशामुल हक, कांग्रेस से मिलन प्रधान और वाम मोर्चे के प्रत्याशी भी किस्मत आजमा रहे हैं।


