स्वतंत्र बोल
बालोद 18 सितम्बर 2026 : छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में कांग्रेस पार्टी की एक आधिकारिक सूची को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। जिला कांग्रेस कमेटी के असंगठित समस्या निवारण प्रकोष्ठ ने हाल ही में अपने नए पदाधिकारियों की सूची जारी की। इसमें उपाध्यक्ष, कोषाध्यक्ष, महासचिव, सचिव और कार्यकारिणी सदस्यों के नाम शामिल थे। सूची सामने आते ही पता चला कि इसमें एक ऐसे व्यक्ति को सचिव पद की जिम्मेदारी दी गई है, जिसकी मौत करीब 8 से 10 साल पहले ही हो चुकी है।
ग्राम डोडीठेमा से जुड़ा है मामला
यह अजीबोगरीब मामला बालोद जिले के ग्राम डोडीठेमा से सामने आया है। संगठन द्वारा जारी सूची में जवाहर निर्मलकर का नाम सचिव पद पर दर्ज किया गया है। स्थानीय स्तर पर जानकारी सामने आई कि जवाहर निर्मलकर का निधन लगभग एक दशक पहले हो चुका है। मृत व्यक्ति को पद दिए जाने की खबर फैलते ही संगठन की कार्यप्रणाली और गंभीरता पर उंगलियां उठने लगी हैं।
बिना सत्यापन सूची जारी करने पर खड़े हुए सवाल
सूची सार्वजनिक होने के बाद राजनीतिक और संगठनात्मक गलियारों में हड़कंप मच गया है। पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों के बीच इस बात को लेकर चर्चा तेज हो गई है कि सूची जारी करने से पहले प्राथमिक सत्यापन (वेरिफिकेशन) तक नहीं किया गया। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जिम्मेदार पदाधिकारियों ने जमीनी हकीकत जाने बिना इतना बड़ा फैसला कैसे ले लिया।
जिलाध्यक्ष बोले- वरिष्ठ कार्यकर्ताओं की सलाह पर बनी थी सूची
इस पूरे घटनाक्रम पर असंगठित समस्या निवारण प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष जीवराखन साहू की सफाई सामने आई है। उनका कहना है कि यह सूची संबंधित क्षेत्र के वरिष्ठ पार्टी कार्यकर्ताओं से बातचीत और सलाह के बाद ही तैयार की गई थी। हालांकि, जिलाध्यक्ष के इस बयान के बाद अब क्षेत्र के वरिष्ठ नेताओं की भूमिका और संगठन के भीतर सूचना तंत्र पर भी सवाल गहरे हो गए हैं।





