स्वतंत्र बोल
रायपुर 27 जून 2026: कभी नक्सली हिंसा और भय की पहचान रहा बस्तर अब विकास, विश्वास और जनभागीदारी की नई राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और आजीविका जैसे क्षेत्रों में लगातार हो रहे बदलावों के बीच महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने सुकमा जिले के जगरगुंडा, चिंतलनार, पूर्वर्ती और सिलगेर का एक दिवसीय दौरा कर जमीनी स्तर पर विकास कार्यों का जायजा लिया।
इस दौरे की सबसे खास बात यह रही कि श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े सड़क मार्ग से जगरगुंडा पहुंचने वाली पहली महिला मंत्री बनीं। वर्षों तक नक्सली हिंसा से प्रभावित रहे इस इलाके में उनका सड़क मार्ग से पहुंचना विकास और शासन की बढ़ती पहुंच का महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।
दौरे के दौरान मंत्री ने पूर्वर्ती और सिलगेर स्थित आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने अन्नप्राशन एवं गोदभराई कार्यक्रम में भाग लेकर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। इस दौरान उन्होंने बच्चों के साथ समय बिताया, ग्रामीण महिलाओं से संवाद किया और विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी देकर उनका अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
मंत्री ने कहा कि जो क्षेत्र कभी असुरक्षा और हिंसा के कारण चर्चा में रहते थे, वहीं आज महिला स्वावलंबन, शिक्षा, पोषण और सामाजिक विकास के नए केंद्र बन रहे हैं। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर तैयार हो रहे हैं।
प्रवास के दौरान उन्होंने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के अंतर्गत जगरगुंडा स्थित कृतिका महिला संकुल स्तरीय संगठन (सीएलएफ) भवन का लोकार्पण भी किया। इसके बाद स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं से चर्चा कर उनकी आजीविका, स्वरोजगार और आर्थिक गतिविधियों की जानकारी ली तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
ग्रामीण महिलाओं ने इसे ऐतिहासिक अवसर बताते हुए कहा कि पहली बार कोई महिला मंत्री सड़क मार्ग से सीधे जगरगुंडा पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनने और उनसे संवाद करने आई हैं। उनका कहना था कि इससे शासन के प्रति उनका विश्वास और मजबूत हुआ है तथा अब उन्हें महसूस हो रहा है कि विकास की मुख्यधारा वास्तव में उनके गांव तक पहुंच चुकी है।
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार बस्तर के अंतिम छोर तक विकास की रोशनी पहुंचाने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, रोजगार और महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए जनकल्याणकारी योजनाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि सुरक्षा बलों, स्थानीय लोगों और सरकार के संयुक्त प्रयासों से बस्तर में शांति, स्थायित्व और समृद्धि का नया अध्याय लगातार मजबूत हो रहा है।


