मनेंद्रगढ़। छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रशासनिक व्यवस्था में कसावट लाते हुए राज्यभर में बड़े पैमाने पर अधिकारियों के तबादले किए हैं। महानदी भवन से जारी ताजा आदेश में कई जिलों के जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) और प्राचार्यों के प्रभार में व्यापक फेरबदल किया गया है। हालांकि इस पूरी सूची में सबसे अधिक चर्चा मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले में हुई कार्रवाई को लेकर हो रही है।
दरअसल, एमसीबी जिले के जिला शिक्षा अधिकारी आरपी मिरे का तबादला कर दिया गया है। शासन के इस फैसले को जिले के हालिया शैक्षणिक प्रदर्शन और प्रशासनिक कार्यप्रणाली से जोड़कर देखा जा रहा है। कक्षा 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा परिणामों में एमसीबी जिला पूरे प्रदेश में सबसे निचले पायदान पर रहा था, जिसके बाद शिक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे।
मामला यहीं तक सीमित नहीं रहा। सुशासन तिहार के दौरान मुख्यमंत्री की चिरमिरी में आयोजित मैराथन समीक्षा बैठक में भी शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर नाराजगी सामने आई थी। बैठक के दौरान तत्कालीन डीईओ आरपी मिरे को विभागीय लापरवाही और कमजोर प्रदर्शन के मुद्दे पर मुख्यमंत्री की सख्त फटकार का सामना करना पड़ा था।
अब शासन द्वारा जारी तबादला आदेश में आरपी मिरे को जिला शिक्षा अधिकारी पद से हटाकर लोक शिक्षण संचालनालय के विकल्प पर रखा गया है। इस कार्रवाई को मुख्यमंत्री की नाराजगी और जिले के खराब शैक्षणिक प्रदर्शन के बाद उठाए गए बड़े प्रशासनिक कदम के रूप में देखा जा रहा है।
शिक्षा विभाग के इस फैसले ने यह संकेत भी दिया है कि सुशासन और परिणाम आधारित कार्यप्रणाली को लेकर शासन अब किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। वहीं, जिले में नए अधिकारी की नियुक्ति के बाद शिक्षा व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।


