स्वतंत्र बोल
रायगढ़ 02 जून 2026: जिले की कई औद्योगिक इकाइयों में श्रमिकों की सुरक्षा से जुड़ी गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद श्रम न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। जांच में सुरक्षा नियमों और कारखाना अधिनियम के प्रावधानों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर पांच फैक्ट्रियों के संचालकों और प्रबंधकों पर लाखों रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। इस कार्रवाई के बाद औद्योगिक क्षेत्र में हलचल तेज हो गई है।
औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट के आधार पर दर्ज मामलों में मई 2026 के दौरान सुनवाई पूरी हुई। न्यायालय ने दोष सिद्ध होने पर संबंधित उद्योगों के अधिभोगियों और कारखाना प्रबंधकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए भारी जुर्माना लगाया है।
मां मंगला इस्पात पर 1 लाख रुपये का जुर्माना
नटवरपुर स्थित मेसर्स मां मंगला इस्पात प्राइवेट लिमिटेड में कारखाना अधिनियम की विभिन्न धाराओं के उल्लंघन का मामला सामने आया था। मामले में अधिभोगी हर्षवर्धन गर्ग को दोषी मानते हुए श्रम न्यायालय ने 1 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया है।
गुरुश्री इंडस्ट्रीज भी नहीं बच सकी
देलारी स्थित मेसर्स गुरुश्री इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के अधिभोगी एवं कारखाना प्रबंधक मुकेश बंसल के खिलाफ भी सुरक्षा नियमों के उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया था। सुनवाई के बाद न्यायालय ने उन पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।
नवदुर्गा फ्यूल पर भी कार्रवाई
सराईपाली स्थित मेसर्स नवदुर्गा फ्यूल प्राइवेट लिमिटेड के अधिभोगी एवं प्रबंधक प्रकाश बेहरा के खिलाफ कारखाना नियमावली के उल्लंघन का मामला सिद्ध हुआ। न्यायालय ने उन्हें 25 हजार रुपये का अर्थदंड भरने का आदेश दिया है।
सिंघल स्टील एंड पावर पर सबसे बड़ी मार
तराईमाल स्थित मेसर्स सिंघल स्टील एंड पावर लिमिटेड के खिलाफ सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर दर्ज मामलों में न्यायालय ने सख्त रुख अपनाया। अधिभोगी विनय कुमार शर्मा और कारखाना प्रबंधक जी.के. मिश्रा पर अलग-अलग मामलों में 1-1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। इस तरह कंपनी से जुड़े मामलों में कुल 2 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया गया है।
सावित्री राइस मिल पर भी एक लाख का जुर्माना
सहदेवपाली स्थित मेसर्स सावित्री राइस मिल के अधिभोगी एवं कारखाना प्रबंधक सूर्यकांत अग्रवाल के खिलाफ भी कारखाना अधिनियम के उल्लंघन का मामला दर्ज था। सुनवाई के बाद न्यायालय ने उन पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।
उद्योगों के लिए कड़ा संदेश
औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि श्रमिकों की सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। विभाग का कहना है कि जांच के दौरान जहां भी नियमों की अनदेखी मिलेगी, वहां इसी तरह की कठोर कार्रवाई की जाएगी।
रायगढ़ में हुई यह कार्रवाई औद्योगिक इकाइयों के लिए एक बड़ा चेतावनी संदेश मानी जा रही है। प्रशासन का साफ संकेत है कि उत्पादन से पहले श्रमिकों की सुरक्षा जरूरी है और नियमों को नजरअंदाज करने वालों पर कानून का शिकंजा लगातार कसता रहेगा।


